राम कथा के पांचवें दिन हुआ राम सीता के मंगलमय विवाह की दिव्य कथा का वर्णन

रायबरेली। शहर के प्रगति पुरम स्थित शिव पार्क में पितृ मुक्ति हेतु आयोजित संगीतमय राम कथा के पांचवें दिन भगवान राम और माता सीता के विवाह की दिव्य कथा का वर्णन हुआ। प्रख्यात कथा वाचक पंडित दिवेदी कृष्ण कुमार शास्त्री ने भक्ति और संगीत के रंग में डूबे श्रोताओं को कथा सुनाई।
उन्होंने बताया कि जनकपुर में विवाह की तैयारियों से स्वयं ब्रह्मा जी आश्चर्यचकित थे। माता सीता ने अपनी दिव्य शक्ति से अष्टसिद्धि और नव निधियों का आवाहन किया, जो राजा दशरथ की सेवा में समर्पित हुईं। जनक जी के आतिथ्य और सीता जी की महिमा ने कथा को प्रभावशाली बनाया।
मुख्य यजमान अनिल कुमार द्विवेदी और सरिता द्विवेदी ने पौत्री पूजन किया, जो पितृ मुक्ति और सुख-समृद्धि के लिए समर्पित था। आयोजन में संजयानंद महाराज, कृष्ण कुमार पांडे, सतीश अवस्थी, अशोक मिश्रा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने सहयोग दिया। भक्ति भजनों और शास्त्री जी के कथन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। यह आयोजन धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक बना, जो श्रोताओं को श्री राम और सीता के प्रेम में लीन कर गया।



