बालिकाओं की सुरक्षा से समझौता नहीं: डीआईओएस की सख्ती, शिक्षिका सस्पेंड

सुजीत कुमार मऊ

मऊ। सोनिधापा खण्डेलवाल बालिका इंटर कॉलेज में छात्राओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और अनशन के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) मऊ ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। डीआईओएस ने सहायक अध्यापिका ऋचा त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है, जबकि संविदा पर कार्यरत शिक्षक राजेश सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।

छात्राओं ने लगाया गंभीर आरोप

गौरतलब है कि बीते दिनों सोनिधापा इंटर कॉलेज की छात्राओं ने विद्यालय की एक शिक्षिका और एक शिक्षक पर अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए थे। आरोपों से आक्रोशित छात्राओं ने विद्यालय परिसर का गेट बंद कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था और बाद में अनशन पर बैठ गई थीं। छात्राओं का कहना था कि उन्होंने पूर्व में भी इस संबंध में शिकायत की थी, लेकिन विद्यालय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे वे मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रही थीं।

मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक मऊ द्वारा पत्रांक 4757/2025-26 दिनांक 08 जनवरी 2026 के माध्यम से त्रिसदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया। जांच समिति में राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सहरोज मऊ की प्रधानाध्यापिका, राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुल्तानीपुर मऊ के प्रधानाध्यापक तथा राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नदवल मऊ के प्रधानाध्यापक को शामिल किया गया। समिति ने 09 जनवरी 2026 को अपनी जांच आख्या प्रस्तुत की।

गठित कमी कमेटी ने जांच में पाया

जांच के दौरान छात्राओं के बयान दर्ज किए गए, साथ ही विद्यालय के अन्य शिक्षकों व कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में आरोपों को गंभीर मानते हुए डीआईओएस ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का निर्णय लिया। इसके तहत पत्रांक 4814/2025-26 दिनांक 09 जनवरी 2026 के माध्यम से सहायक अध्यापिका ऋचा त्रिपाठी को माध्यमिक शिक्षा अधिनियम 1921 के प्रावधानों के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार अर्द्धवेतन देय होगा, बशर्ते वे किसी अन्य कार्यवृत्ति में संलिप्त न हों। वहीं, संविदा शिक्षक राजेश सिंह की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।

प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए प्रबंध समिति के सदस्य प्रदीप कुमार पुत्र गुरूमुख, निवासी दक्षिण टोला मऊ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। आरोप पत्र पृथक से उपलब्ध कराया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक वातावरण को सामान्य बनाए रखने के लिए दो सदस्यीय आंतरिक समिति का गठन किया गया है, जिसमें प्रबंध समिति के सदस्य प्रदीप कुमार और विद्यालय की प्रवक्ता श्रीमती पूनम को शामिल किया गया है। समिति को छात्राओं, शिक्षिकाओं और अन्य स्टाफ के बीच समन्वय स्थापित कर विद्यालय की गतिविधियों को सुचारू रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए हैं।

डीआईओएस ने स्पष्ट कहा कि शिक्षा संस्थानों में अनुशासन, गरिमा और छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जांच में यदि और तथ्य सामने आते हैं तो अतिरिक्त कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासनिक कार्रवाई के बाद छात्राओं ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। छात्राओं और अभिभावकों ने जिला प्रशासन के फैसले पर संतोष व्यक्त किया है। वहीं, विद्यालय में शैक्षणिक कार्य धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को चेतावनी दी है कि छात्र-छात्राओं की शिकायतों को गंभीरता से लें और समय रहते उचित कदम उठाएं।

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