हाजी खलील के कथित कब्जों पर महापौर का फिर चला नगर निगम का डंडा

कैला भट्टा में चार दुकानों और इस्लाम नगर ट्यूबवेल परिसर की डेयरी पर लगाया ताला, निगम ने चस्पा किया नोटिस

गाजियाबाद। भूमाफियाओं के खिलाफ कार्रवाई को लेकर गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। कैला भट्टा के खसरा नंबर-92 में संचालित चार दुकानों और इस्लाम नगर स्थित नगर निगम के ट्यूबवेल परिसर में चल रही डेयरी पर नगर निगम की टीम ने कार्रवाई करते हुए ताले लगा दिए। महापौर स्वयं मौके पर मौजूद रहीं और अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए।

बताया गया कि नगर निगम को शिकायत मिली थी कि कैला भट्टा स्थित खसरा नंबर-92 में दुकानें तथा नए बस स्टैंड के पीछे इस्लाम नगर ट्यूबवेल परिसर की भूमि पर डेयरी का संचालन किया जा रहा है। शिकायत में पूर्व पार्षद हाजी खलील का नाम सामने आया था। मामले की जानकारी मिलने पर महापौर ने अधिकारियों से भूमि संबंधी दस्तावेजों की जानकारी ली।

नगर निगम अधिकारियों के अनुसार जांच में दोनों स्थानों की भूमि नगर निगम की संपत्ति बताई गई। इसके बाद निगम की ओर से मौके पर नोटिस चस्पा कर अवैध कब्जा स्वयं हटाने की चेतावनी दी गई। नोटिस में स्पष्ट किया गया कि भूमि नगर निगम की है और कब्जा स्वयं हटाया जाए, अन्यथा कार्रवाई के दौरान होने वाले नुकसान की जिम्मेदारी नगर निगम की नहीं होगी।

महापौर के मुताबिक, कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों से भूमि पर अधिकार से जुड़े पुख्ता दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया, लेकिन मौके पर कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया गया। महापौर ने बताया कि वर्ष 2011 में भी हाजी खलील के कथित अवैध कब्जे को लेकर समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित हुई थीं, लेकिन उस समय प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी।

हाल ही में महापौर को जानकारी मिली कि खसरा नंबर-92 में स्थित दुकानों को बेचने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद महापौर नगर निगम की संपत्ति विभाग की टीम और पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने चार दुकानों को खाली कराकर उन पर नगर निगम के ताले लगवाए। इसके साथ ही इस्लाम नगर ट्यूबवेल परिसर की भूमि पर संचालित डेयरी पर भी कार्रवाई करते हुए ताला लगाया गया। महापौर पूरी कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद रहीं।

महापौर सुनीता दयाल ने कहा कि कैला भट्टा क्षेत्र में हाजी खलील और फारुख चौधरी के खिलाफ भूमि कब्जे से संबंधित कई शिकायतें प्राप्त हुई हैं। दस्तावेजों में भी हाजी खलील का नाम सामने आने की बात कही गई है। उन्होंने बताया कि पूर्व में नगर निगम की ओर से एफआईआर भी दर्ज कराई जा चुकी है।

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