गैस सप्लाई में रुकावट; भारत में कितने दिनों का स्टॉक बचा है, जानें सरकार की रणनीति क्या

LPG Gas Shortage 2026: इज़राइल-US और ईरान के बीच युद्ध का ग्लोबल फ्यूल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ा है। क्योंकि भारत की LPG की 60% ज़रूरत इम्पोर्ट पर निर्भर करती है, इसलिए देश में गैस की कमी का डर है। इस मामले में केंद्र सरकार ने ‘एसेंशियल कमोडिटीज़ एक्ट, 1995’ लागू करके जमाखोरी पर सख्त रोक लगा दी है।
भारत को हर साल लगभग 33 मिलियन मीट्रिक टन LPG की ज़रूरत होती है। यानी, हर दिन लगभग 6.4 मिलियन सिलेंडर इस्तेमाल होते हैं। मौजूदा युद्ध जैसे हालात ने विदेशों से आने वाले जहाजों और ‘स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज’ में तनाव के कारण सप्लाई चेन पर दबाव डाला है।
भारत के पास कितने दिनों का स्टॉक है?
सरकार और एक्सपर्ट के अनुमान के अनुसार, भारत के LPG स्टॉक के बारे में दो मुख्य आंकड़े सामने आ रहे हैं।
पहला अनुमान: कंपनियों के पास मौजूद मौजूदा स्टॉक और समुद्र में भारत की ओर आ रहे जहाजों को देखते हुए, भारत 40 से 45 दिनों तक अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकता है। दूसरा अनुमान: कच्चे तेल के स्ट्रेटेजिक रिज़र्व को मानते हुए, भारत लगभग 8 हफ़्ते (56 दिन) झेल सकता है।
सरकार की स्ट्रैटेजी पर एक नजर
हालात से निपटने के लिए पेट्रोलियम मिनिस्ट्री ने घरेलू रिफाइनरियों को प्रोडक्शन बढ़ाने का आदेश दिया है। पेट्रोलियम मिनिस्ट्री की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने बताया कि घरेलू LPG प्रोडक्शन 25 परसेंट बढ़ा दिया गया है।
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केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ़ किया है कि घरेलू इस्तेमाल के लिए LPG सप्लाई में कोई कमी नहीं है। इसलिए नागरिकों को अफ़वाहों पर विश्वास नहीं करना चाहिए और गैस जमा नहीं करनी चाहिए।



