khaleda zia bangladesh: जानें पीछे कितनी संपत्ति छोड़ गईं खालिदा जिया
khaleda zia bangladesh: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की अध्यक्ष खालिदा जिया का निधन 80 वर्ष की आयु में हुआ। ढाका के एक निजी अस्पताल में आखिरी सांस लेने वाली खालिदा जिया, जिनकी राजनीति और नेतृत्व ने दशकों तक बांग्लादेश के राजनीतिक परिदृश्य को प्रभावित किया, उनके निधन के बाद अब एक नई चर्चा का सिलसिला शुरू हो गया है। उनका नाम अब केवल उनकी राजनीतिक यात्रा से नहीं जुड़ा है, बल्कि उनकी संपत्ति को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। क्या उनके पास कितनी संपत्ति थी और यह कितना राजनीतिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है?
2018 के चुनावी हलफनामे में संपत्ति का खुलासा
खालिदा जिया के निधन के बाद उनके संपत्ति के बारे में बात करना एक सामान्य चर्चा का विषय बन गया है। हालांकि बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री के पास हमेशा से संपत्ति के आंकड़ों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन 2018 के चुनावी हलफनामे में कुछ महत्वपूर्ण खुलासे हुए थे। इस हलफनामे के मुताबिक, उनकी वार्षिक आय करीब 1.52 करोड़ बांग्लादेशी टका थी, जो मुख्य रूप से किराए, निवेश और बचत से प्राप्त होती थी।
उनके पास विभिन्न संपत्तियां थीं, जैसे घर, दुकानें, बैंक डिपॉजिट और वित्तीय बचत प्रमाण पत्र, जो कुल मिलाकर बांग्लादेशी मुद्रा में लाखों टका के बराबर थीं। हालांकि इन आंकड़ों को लेकर विवाद बना रहता है, क्योंकि उनके समर्थकों का कहना था कि खालिदा जिया ने सत्ता का इस्तेमाल अपनी निजी भलाई के लिए नहीं किया। इस सबके बावजूद उनकी संपत्ति पर राजनीतिक दृष्टिकोण से सवाल उठते रहे हैं।
खालिदा जिया की संपत्ति के आंकड़े और उनका महत्व
2018 के हलफनामे के मुताबिक khaleda zia के पास कुल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा किराए के संपत्तियों से था। सालाना किराए से उनकी आय करीब 67 लाख बांग्लादेशी टका (भारतीय मुद्रा में ₹49 लाख) थी। इसके अलावा, उनकी जमा राशि बैंक और अन्य वित्तीय संस्थानों में करीब 4.77 करोड़ टका थी, जो भारतीय मुद्रा में करीब ₹3.51 करोड़ के बराबर थी।
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इसके अलावा, खालिदा जिया की कारों की कीमत 48.65 लाख टका और उनके इलेक्ट्रॉनिक सामानों का मूल्य करीब 5 लाख टका था। उनके पास करीब 50,300 टका नकद भी थे। हालांकि इन आंकड़ों के बारे में हमेशा से ही उलझन रही है और कोई भी आधिकारिक आंकड़ा नहीं मिल पाया है।



