श्रमिकों के स्वास्थ्य लिए किया गया चिकित्सा शिविर का आयोजन

ऊँचाहार, रायबरेली। अनुबंधित श्रमिकों के स्वास्थ्य एवं कल्याण को प्राथमिकता देते हुए एनटीपीसी ऊँचाहार एवं कार्यालय मुख्य विकास अधिकारी, रायबरेली के सहयोग से तथा ईएसआईसी ESIC रायबरेली एवं श्रम विभाग लखनऊ के समन्वय में 06 अक्टूबर 2026 को क्लिम सेंटर में अनुबंधित श्रमिकों के लिए मेडिकल कैम्प का आयोजन किया गया। मेडिकल कैम्प में जीवन ज्योति एनटीपीसी अस्पताल, ESIC रारबरेली, जिला अस्पताल रायबरेली एवं सीएचसी ऊंचाहार की चिकित्सा टीम एवं श्रम विभाग लखनऊ के अधिकारियों के सहयोग से 500 से अधिक लाभार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपने स्वास्थ्य की जांच कराई एवं उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया।

मेडिकल कैम्प के दौरान अनुबंधित श्रमिकों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा चिकित्सकों द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श एवं स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सुझाव प्रदान किए गए। जांच के दौरान आवश्यकतानुसार लाभार्थियों को दवाओं का वितरण भी किया गया।

इस अवसर पर ESIC के अधिकारियों द्वारा श्रमिकों को संबंधित ESIC के प्रमुख लाभों एवं विभिन्न प्रावधानों की जानकारी भी दी गई। श्रमिकों को ESIC के अंतर्गत उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं एवं सामाजिक सुरक्षा लाभों के बारे में विस्तारपूर्वक जागरूक किया गया, ताकि वे आवश्यकता के समय इन सुविधाओं का समुचित लाभ उठा सकें।

मेडिकल कैम्प का उद्देश्य अनुबंधित श्रमिकों के स्वास्थ्य की नियमित जांच, संभावित स्वास्थ्य समस्याओं की समय रहते पहचान तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराना था। इस अवसर पर श्रमिकों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, नियमित स्वास्थ्य जांच कराने तथा कार्यस्थल पर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी सावधानियों का पालन करने के लिए भी जागरूक किया गया।

मेडिकल कैम्प में श्रमिकों की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही। लाभार्थी श्रमिकों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली उपयोगी पहल बताया। उन्होंने नियमित अंतराल पर इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए जाने को भी सराहनीय कदम बताया।
एनटीपीसी ऊँचाहार द्वारा समय-समय पर इस प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी पहल आयोजित की जाती रही हैं। यह मेडिकल कैम्प परियोजना में कार्यरत अनुबंधित श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं कल्याण के प्रति एनटीपीसी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है तथा एक स्वस्थ, सुरक्षित एवं संवेदनशील कार्य-संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल रही।

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