शरीर में दिखें ये 5 शुरुआती बदलाव तो हो जाएं सावधान, बढ़ा हो सकता है ब्लड शुगर लेवल

Diabetes Symptoms Hindi: आज के दौर में हमारी बिगड़ती जीवनशैली, तंदरुस्ती की कमी और खराब खानपान के कारण हाई ब्लड शुगर (High Blood Sugar) और डायबिटीज (Diabetes) एक गंभीर महामारी का रूप ले चुकी हैं।
चिंता की बात ये है कि अक्सर लोगों को इस बीमारी का पता तब चलता है जब यह शरीर को काफी नुकसान पहुंचा चुकी होती है। हालांकि, चिकित्सा विशेषज्ञों का कहना है कि ब्लड शुगर का लेवल खतरनाक स्तर पर पहुंचने से पहले ही हमारा शरीर कुछ बेहद स्पष्ट और शुरुआती संकेत देना शुरू कर देता है। अगर सही समय पर इन संकेतों और लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो उचित जांच और सही उपचार के माध्यम से इस साइलेंट किलर बीमारी को समय रहते पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है।
अत्यधिक और बार-बार प्यास लगना है पहला संकेत
क्या आपको भी सामान्य से अधिक प्यास लग रही है और बार-बार पानी पीने के बाद भी गला सूखा रहता है? अगर ऐसा है, तो इसे बिल्कुल भी सामान्य समझकर नजरअंदाज न करें। जब शरीर में ग्लूकोज का स्तर बढ़ जाता है, तो किडनी को अतिरिक्त शुगर को बाहर निकालने के लिए ज्यादा काम करना पड़ता है। इस प्रक्रिया में शरीर के ऊतकों (Tissues) से नमी खिंचने लगती है, जिससे व्यक्ति को लगातार डिहाइड्रेशन महसूस होता है और बहुत अधिक प्यास लगने लगती है।
रात के समय बार-बार पेशाब आने की समस्या
हाई ब्लड शुगर का दूसरा सबसे आम और बड़ा लक्षण है बार-बार टॉयलेट जाना, खासकर रात के समय। ब्लड स्ट्रीम में जमा अतिरिक्त शुगर को छानकर शरीर से बाहर करने के प्रयास में किडनी बहुत अधिक सक्रिय हो जाती है। इसके परिणामस्वरूप इंसान को सामान्य दिनों की तुलना में बार-बार पेशाब आने की समस्या (Frequent Urination) होने लगती है, जिसके कारण रात की नींद भी बार-बार बाधित होती है।
पर्याप्त आराम के बाद भी लगातार थकान और कमजोरी
अगर आप रात में 7 से 8 घंटे की भरपूर और अच्छी नींद लेते हैं, मगर फिर भी सुबह उठते ही या दिनभर खुद को थका हुआ और ऊर्जाहीन महसूस करते हैं, तो यह इंसुलिन रेजिस्टेंस का संकेत हो सकता है। दरअसल, ब्लड शुगर बढ़ा होने पर शरीर की कोशिकाएं (Cells) खून में मौजूद ग्लूकोज का इस्तेमाल ऊर्जा बनाने के लिए ठीक से नहीं कर पाती हैं। ईंधन की इसी कमी के कारण शरीर हमेशा कमजोरी और गंभीर थकान से जूझता रहता है।
आंखों के सामने अचानक धुंधलापन छा जाना
ब्लड शुगर के अनियंत्रित होने का सीधा और बुरा असर हमारी आंखों की रोशनी पर भी पड़ता है। खून में ग्लूकोज की मात्रा अत्यधिक बढ़ने से आंखों के लेंस में तरल पदार्थ का संतुलन बिगड़ जाता है, जिससे लेंस में सूजन आ सकती है। इसके कारण व्यक्ति को अचानक चीजें धुंधली दिखाई देने लगती हैं (Blurred Vision) या फोकस करने में कठिनाई होती है। शुगर कंट्रोल होते ही यह समस्या अक्सर अपने आप ठीक हो जाती है, मगर लंबे समय तक अनदेखी करने पर यह आंखों को स्थायी नुकसान पहुंचा सकती है।
घाव और चोट का बहुत धीमी गति से ठीक होना
यदि आपको कोई छोटी सी खरोंच, कट या घाव लगा है और उसे ठीक होने में हफ्तों या महीनों का समय लग रहा है, तो यह हाई ब्लड शुगर का एक बेहद पुख्ता लक्षण है। बढ़ा हुआ शुगर लेवल शरीर की नसों (Nerves) को नुकसान पहुंचाता है और रक्त परिसंचरण (Blood Circulation) को धीमा कर देता है।
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खून का बहाव सही न होने के कारण घाव वाले स्थान तक जरूरी पोषक तत्व और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाते, जिससे न सिर्फ घाव देर से भरते हैं बल्कि त्वचा में बार-बार फंगल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन होने का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है।



