कलश यात्रा से भागवत कथा, ज्ञान-यज्ञ हुई शुरू

श्री केला गमा देवी मंदिर से निकली यात्रा में सैकड़ों महिलाओं कलश धारण कर किया नगर भ्रमण,19 अक्टूबर को कथा का होगा समापन

जसवंतनगर,इटावा। नगर के इटावा रोड स्थित एक मैरिज होम में मंगलवार को श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। श्री केला गमा मंदिर से निकली यात्रा में सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर नगर भ्रमण किया। श्रद्धालुओं के जयकारों और भक्ति गीतों से नगर का वातावरण भक्तिमय हो गया।

भागवत पुराण में कलश का धार्मिक महत्व

श्रीमद्भागवत पुराण की कथा परंपरा में कलश को मंगल,पवित्रता और देवताओं के आह्वान का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार,कलश यात्रा के माध्यम से श्रद्धालु कथा स्थल तक मंगल कलश लाकर पूजा-अर्चना के साथ धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ करते हैं। कलश में जल तथा उसके ऊपर आम के पत्ते और नारियल रखने की परंपरा भी प्रचलित है। इसे शुभ कार्यों की शुरुआत और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसी धार्मिक आस्था के साथ श्रद्धालुओं ने कलश यात्रा में भाग लिया।

गुप्ता परिवार की ओर से परमपिता परमात्मा श्री हरिनारायण और माता-पिता की कृपा से इस सात दिवसीय कथा ज्ञान यज्ञ का आयोजन कराया जा रहा है। नगर भ्रमण के बाद कथा स्थल पर विधि-विधान से पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुए। इसके बाद कथा का शुभारंभ हुआ।

श्रीधाम वृंदावन से पधारे स्वामी श्री श्यामनारायण जी महाराज कथा का वाचन करेंगे। कथा 13 से 19 अक्टूबर तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से हरि इच्छा तक चलेगी। कथा के परीक्षित मोहल्ला कटरापुख्ता निवासी श्रीमती सुनीता गुप्ता एवं मनोज कुमार गुप्ता हैं।

गोपाल गुप्ता ने बताया कि 19 अक्टूबर को कथा का विश्राम होगा। इसके अगले दिन 20 अक्टूबर को पूर्णाहुति हवन और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसी दिन रात नौ बजे से मां भगवती देवी का जागरण भी होगा।

इस अवसर पर आशीष गुप्ता (बल्लू),ऋषभ गुप्ता (भोलू),रजत गुप्ता (गोलू),शिवम गुप्ता, नीलम गुप्ता,रेनू-राजीव कुमार गुप्ता,रुनेह कुमार गुप्ता,अनिल कुमार गुप्ता,पंकज गुप्ता (सप्पू), अतुल गुप्ता (कल्लू), सर्वेश गुप्ता (पप्पू लाला) और मनोज गुप्ता (खाद वाले) सहित गुप्ता परिवार के सदस्य, परिजन तथा नगर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

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