निर्माण श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने के निर्देश, बाल श्रम पर चलेगा सघन अभियान
गाजियाबाद में श्रम विभाग की संयुक्त बैठक, बाल श्रम कराने वाले 66 सेवायोजकों के खिलाफ न्यायालय में अभियोजन पेश

गाजियाबाद। कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा गांधी सभागार में मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में जिला श्रम बंधु, बाल श्रम उन्मूलन जनपद समिति, जिला टास्क फोर्स (बाल श्रम) और जनपद स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में निर्माण श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण कराने, बाल श्रम पर रोक लगाने और बंधुआ श्रम से जुड़े मामलों में शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों की लागत से काटे गए एक प्रतिशत सेस का विवरण निर्धारित प्रारूप में श्रम विभाग को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही सभी निर्माण स्थलों पर कार्यरत श्रमिकों का पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र श्रमिकों को सरकार की सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके।
उप श्रम आयुक्त ने जानकारी दी कि चालू वित्तीय वर्ष में विभाग की ओर से 2,165 अधिष्ठानों का पंजीकरण और 7,486 श्रमिकों का पंजीकरण कराया गया है। विभिन्न योजनाओं के तहत 272 श्रमिकों को कुल 78,69,318 रुपये का हितलाभ वितरित किया गया। वहीं, प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना के अंतर्गत 414 श्रमिकों का पंजीकरण किया गया।
अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रत्येक माह रोस्टर तैयार कर निर्माणाधीन स्थलों पर शिविर लगाए जाएं। इन शिविरों के माध्यम से अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीकरण कराने के साथ ही उन्हें सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाए। उद्यमी संगठनों और ट्रेड यूनियनों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की गई।
बाल श्रम कराने वालों पर होगी कार्रवाई
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में श्रम विभाग ने बाल श्रम से संबंधित 95 निरीक्षण किए। इस दौरान 104 किशोर श्रमिक चिह्नित किए गए तथा बाल एवं किशोर श्रमिकों से काम कराने वाले 66 सेवायोजकों के विरुद्ध न्यायालय में अभियोजन प्रस्तुत किया गया। इनमें से 11 सेवायोजकों पर न्यायालय ने कुल 27,500 रुपये का जुर्माना लगाया।
मुख्य विकास अधिकारी ने बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में सघन अभियान चलाने और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही चिह्नित बाल श्रमिकों की सूची संबंधित विभागों को उपलब्ध कराने को कहा, ताकि सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके परिवारों का आर्थिक एवं शैक्षिक पुनर्वासन किया जा सके।
बंधुआ श्रम के लंबित मामलों पर भी चर्चा
जनपद स्तरीय बंधुआ श्रम सतर्कता समिति की बैठक में बताया गया कि तहसील मोदीनगर में बंधुआ श्रम से संबंधित 16, तहसील सदर में तीन और तहसील लोनी में एक समरी ट्रायल वाद निर्णय के लिए लंबित हैं। अधिकारियों को इन मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। बैठक में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, बाल श्रम उन्मूलन और बंधुआ श्रम की रोकथाम के लिए विभागीय समन्वय पर जोर दिया गया।



