सोसायटियों में सुरक्षा कर्मियों को मिलेंगे इलेक्ट्रिक हीटर, निर्माण स्थलों पर पानी का छिड़काव अनिवार्य

गाजियाबाद। आगामी शीत ऋतु में वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ की अध्यक्षता में ग्रैप (ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान) की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें जिले के नौ प्रमुख प्रदूषण हॉटस्पॉट चिह्नित कर संबंधित विभागों को प्रदूषण रोकने के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

चिह्नित क्षेत्रों में साहिबाबाद, राजनगर एक्सटेंशन, लोनी, भोपुरा-दिल्ली बॉर्डर, इंदिरापुरम, विजय नगर-एसएसजीटी रोड, लाल कुआं, सिद्धार्थ विहार और वसुंधरा-वैशाली शामिल हैं। डीएम ने जीडीए, नगर निगम, नगर पालिकाओं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, परिवहन विभाग और पुलिस समेत संबंधित विभागों को अपनी जिम्मेदारी के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के निर्देश

डीएम ने निर्माण स्थलों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने और जरूरत के अनुसार एंटी स्मॉग गन लगाने के निर्देश दिए। जीडीए और नगर निगम को रात में सड़कों की मैकेनाइज्ड स्वीपिंग और पानी का छिड़काव कराने को कहा गया। 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाले निर्माण स्थलों का यूपीईसीपी पोर्टल पर पंजीकरण और डस्ट कंट्रोल ऑडिट भी अनिवार्य बताया गया।

अलाव की जगह इलेक्ट्रिक हीटर, पुराने वाहनों पर कार्रवाई

ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में आरडब्ल्यूए के माध्यम से सुरक्षा कर्मियों को इलेक्ट्रिक हीटर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि अलाव जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोका जा सके। होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को कोयले व लकड़ी के तंदूर के स्थान पर पीएनजी या एलपीजी इस्तेमाल करने को कहा गया। इसके अलावा निर्धारित नियमों के तहत 10 वर्ष पुराने डीजल और 15 वर्ष पुराने पेट्रोल वाहनों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को शीत ऋतु में प्रदूषण नियंत्रण संबंधी कार्ययोजना का समय से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया

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