लाखों की लागत से बना शवदाह गृह बदहाल
उगी झाड़ियां,टूटे पड़े गेट, यमुना का जलस्तर बढ़ने पर अंतिम संस्कार में होती है परेशानी

जसवंतनगर,इटावा। ग्राम पंचायत नगला तौर के मजरा कीरतपुर गांव के पास लोगों की सुविधा के लिए लाखों रुपये की लागत से बनाया गया शवदाह गृह इन दिनों बदहाली का शिकार है। देखरेख के अभाव में पूरे परिसर में घनी झाड़ियां और घास उग आई हैं। वहीं प्रवेश द्वार का गेट समेत परिसर के अन्य हिस्से टूटे पड़े हैं। लंबे समय से साफ-सफाई और रखरखाव न होने के कारण शवदाह गृह की स्थिति खराब होती जा रही है।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यमुना किनारे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए शवदाह गृह का निर्माण कराया गया था। लेकिन रखरखाव के अभाव में इसका परिसर झाड़ियों से घिर गया है। झाड़ियों के बीच सांप और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के छिपे होने की आशंका भी बनी रहती है।
बरसात में बढ़ जाती है परेशानी
बरसात के दिनों में यमुना का जलस्तर बढ़ने पर घाट के आसपास पानी पहुंच जाता है। ऐसे में अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिजनों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। बारिश के दौरान कीचड़ के कारण शव को घाट तक ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। लोगों का कहना है कि यदि शवदाह गृह की सफाई और मरम्मत करा दी जाए तो बरसात के दौरान भी परिजनों को काफी राहत मिल सकती है।
स्थानीय नागरिकोंसुनील कुमार, मुकेश कुमार, अलकेश कुमार, अनुज कुमार, राजेंद्र सिंह, अखलेश कुमार, रणवीर सिंह, सोनेलाल, अमित कुमार, सुरेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, ज्ञान सिंह, देवेंद्र सिंह और सचिन कुमारआदि ने संबंधित विभाग से शवदाह गृह परिसर की तत्काल सफाई कराने, टूटे गेट और अन्य हिस्सों की मरम्मत कराने तथा बरसात में अंतिम संस्कार के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि लाखों रुपये की लागत से तैयार की गई सुविधा का नियमित रखरखाव नहीं हुआ तो सरकारी धन से बनाई गई यह सुविधा धीरे-धीरे बेकार होती चली जाएगी।



