50 हजार का इनामी फरमान मुठभेड़ में घायल, चोरी की तीन कारें और फर्जी नंबर प्लेट बरामद; पंजाब में बेचते थे वाहन

गाजियाबाद। गाजियाबाद पुलिस की क्राइम ब्रांच ने दिल्ली-एनसीआर में चार पहिया वाहन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए सरगना फरमान उर्फ नागिन समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सरगना फरमान पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। 10 अक्टूबर को लिंक रोड थाना क्षेत्र के सूर्यनगर चौराहे पर चेकिंग के दौरान पुलिस और आरोपितों के बीच मुठभेड़ हुई। जवाबी कार्रवाई में फरमान के दाहिने पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने गिरोह के कब्जे से चोरी की तीन कारें और फर्जी नंबर प्लेट बरामद की हैं।

तीन अलग-अलग जगहों से चुराई थीं कारें

पुलिस के मुताबिक, एक अगस्त को मधुबन बापूधाम क्षेत्र में घर की पार्किंग में खड़ी अल्काजार कार चोरी हुई थी। इसके बाद 10 सितंबर को लिंक रोड क्षेत्र से फॉर्च्यूनर चोरी कर ली गई। वहीं, तीन अगस्त को दिल्ली के पंजाबी बाग वेस्ट क्षेत्र से क्रेटा कार चोरी हुई थी। लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस आयुक्त के निर्देश पर क्राइम ब्रांच की एंटी ऑटो थेफ्ट यूनिट और सर्विलांस टीम को जांच में लगाया गया था।

इमरान की गिरफ्तारी से खुला गिरोह का राज

क्राइम ब्रांच ने छह अक्टूबर को मेरठ के लिसाड़ी गेट क्षेत्र निवासी इमरान को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से दिल्ली के पंजाबी बाग वेस्ट से चोरी की गई क्रेटा कार बरामद की थी। पुलिस के अनुसार, इमरान के खिलाफ एनसीआर में 15 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। पूछताछ में लिंक रोड क्षेत्र से चोरी हुई फॉर्च्यूनर के फरमान के कब्जे में होने की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने फरमान की तलाश तेज कर दी।

10 अक्टूबर को मुखबिर से सूचना मिली कि फरमान चोरी की फॉर्च्यूनर लेकर लिंक रोड क्षेत्र में आने वाला है। सूर्यनगर चौराहे पर पुलिस टीम ने कार रोकने का प्रयास किया तो उसमें सवार लोगों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में फरमान घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

पंजाब में बेचते थे चोरी की गाड़ियां

पुलिस ने इसी दिन पंजाब निवासी रंजीत सिंह उर्फ जीत और मनप्रीत सिंह को भी गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दिल्ली के पंजाबी बाग वेस्ट क्षेत्र से चोरी की गई बलेनो कार बरामद हुई। पुलिस के मुताबिक, गिरोह मेरठ, गाजियाबाद, नोएडा, हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में मांग के अनुसार कारें चोरी करता था। इसके बाद पंजाब निवासी साथियों की मदद से चोरी के वाहनों को अच्छी कीमत पर बेच दिया जाता था। इससे मिलने वाली रकम गिरोह के सदस्य आपस में बांट लेते थे।

गिरोह के अन्य सदस्य भी पुलिस के रडार पर

पुलिस के अनुसार, फरमान और इमरान सगे भाई हैं और लिसाड़ी गेट थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं। गिरोह के अन्य सदस्य साहबजादा, दानिश और मोहसिन अभी वांछित हैं। पुलिस फरार आरोपितों की तलाश कर रही है। साथ ही गिरोह के अन्य आपराधिक मामलों और वाहन चोरी की घटनाओं में उनकी संलिप्तता की जांच की जा रही है।

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