जागृति विहार में शराब की दुकानों के विरोध में महिलाओं ने उठाई आवाज, डीएम से स्थानांतरण की मांग

गाजियाबाद। संजय नगर सेक्टर-23 स्थित जागृति विहार में आवासीय क्षेत्र के बीच संचालित देशी एवं अंग्रेजी शराब की दुकानों को हटाने की मांग को लेकर क्षेत्र की महिलाओं ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र सौंपा है। महिलाओं का आरोप है कि शराब की दुकानों के आसपास आए दिन शराब का सेवन करने वाले लोगों का जमावड़ा रहता है, जिसके कारण महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी के साथ-साथ असुरक्षा का सामना करना पड़ रहा है।

महिला मंडल की ओर से दिए गए पत्र में बताया गया कि जागृति विहार पूर्णतः आवासीय क्षेत्र है और यहां बड़ी संख्या में परिवार रहते हैं। महिलाओं के अनुसार शराब की दुकानों के आसपास कई बार अभद्र व्यवहार और छेड़छाड़ जैसी घटनाओं की स्थिति बनती है, जिसके चलते उन्हें पुलिस की सहायता के लिए 112 नंबर पर कॉल तक करनी पड़ती है।

महिलाओं ने आरोप लगाया कि शराब की दुकानों के पास स्थित जनरल स्टोर तथा आसपास के खाली एवं अविकसित पार्क में भी लोग बैठकर शराब का सेवन करते हैं। नशे की हालत में लोगों के पड़े रहने से स्कूल और ट्यूशन जाने वाले बच्चों, महिलाओं तथा बुजुर्गों को रास्ते से गुजरने में परेशानी होती है। क्षेत्र में चेन स्नैचिंग जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं।शिकायती प

त्र में यह भी कहा गया कि कई बार शराब के नशे में रहने वाले लोगों द्वारा पुलिसकर्मियों से भी अभद्रता की जाती है, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। महिलाओं का कहना है कि शराब की दुकानों के आसपास मंदिर और विद्यालय भी स्थित हैं, जिसके कारण श्रद्धालुओं, विद्यार्थियों और अभिभावकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

महिला मंडल ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे पूर्व में मंत्री नरेंद्र कश्यप से भी मुलाकात कर लिखित शिकायत दे चुकी हैं। उनके द्वारा संबंधित अधिकारियों को पत्र भेजे जाने की बात भी महिलाओं ने कही। इसके अलावा आबकारी विभाग के अधिकारियों को भी समस्या से अवगत कराया गया है तथा महिलाओं द्वारा पूर्व में धरना-प्रदर्शन भी किया जा चुका है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने पर अब जिलाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग की गई है।

महिलाओं ने जिलाधिकारी से जनहित और क्षेत्रवासियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जागृति विहार से देशी एवं अंग्रेजी शराब की दुकानों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित कराने की मांग की है। उनका कहना है कि दुकानों के स्थानांतरण से क्षेत्र में महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के लिए सुरक्षित वातावरण बन सकेगा।

इस दौरान पुष्पा, मीनाक्षी, कौशल शर्मा, बसंती, बिना, मंजू, आशा, सुदेश, सावित्री, कांति, सरोज, ममता, लाजवंती, अनुराधा, सुषमा, ललित रानी, कुसुम, वंदना, सोमवती, रजना, सरलता, गुड़िया, संगीता, शीला, सविता, राधिका, सपना, गीता, सुनीता, रेशमा और अनीशा सहित अन्य महिलाएं मौजूद रहीं।

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