दो अक्तूबर से विद्यालयों में चलेगा विशेष अभियान
पॉक्सो जागरूकता अभियान के लिए 227 विद्यालयों के नोडल अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण

इटावा। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में पॉक्सोअधिनियम-2012 के प्रावधानों और विधिक परिणामों को लेकर मंगलवार को प्रेरणा सभागार में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनपद के 227 विद्यालयों एवं इंटर कॉलेजों के प्रधानाचार्य और प्राचार्य विद्यालय स्तरीय नोडल अधिकारी के रूप में शामिल हुए।
कार्यक्रम का शुभारंभ जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रजत सिंह जैन ने किया। सचिव आरती द्विवेदी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। जनपद न्यायाधीश ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा केवल कानून लागू करने वाली संस्थाओं की जिम्मेदारी नहीं,बल्कि विद्यालय, शिक्षक,अभिभावक और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। बच्चों को पॉक्सो कानून और उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी सरल एवं आयु के अनुरूप भाषा में दी जानी चाहिए।
सचिव आरती द्विवेदी ने बताया कि सभी प्रधानाचार्य एवं प्राचार्य अपने विद्यालयों में नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे। वे विद्यार्थियों को सुरक्षित-असुरक्षित व्यवहार,बाल अधिकार, अनिवार्य रिपोर्टिंग, चाइल्ड हेल्पलाइन और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी देंगे। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे द्वारा घटना बताए जाने पर उसकी बात संवेदनशीलता से सुनी जाए और उसकी पहचान व गोपनीयता सुरक्षित रखी जाए।
प्रशिक्षण में नोडल अधिकारी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण आलोक श्रीवास्तव,विशेष न्यायाधीश पॉक्सो विनीता बिमल,विशेष न्यायाधीश पॉक्सो व टीआरसी राखी, नयायिक मजिस्ट्रेट रजत शर्मा, जिला विकास अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक,जिला चिकित्साधिकारी और विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो समेत विभिन्न अधिकारियों ने जानकारी दी।
अधिकारियों ने पॉक्सो के तहत अपराधों की श्रेणियों,बच्चे के बयान, अनिवार्य रिपोर्टिंग, चिकित्सकीय परीक्षण, डिजिटल साक्ष्य,विशेष न्यायालय की प्रक्रिया और पीड़ित बच्चे को मिलने वाली कानूनी सहायता के बारे में बताया। स्पष्ट किया कि विद्यालय शिकायत की स्वयं जांच या समझौते का प्रयास न करें,बल्कि सूचना तत्काल सक्षम प्राधिकारी को दें।
दो अक्तूबर से चलेगा जागरूकता अभियान
गांधी जयंती पर दो अक्तूबर से विद्यालयों में चलने वाले विशेष पॉक्सो जागरूकता अभियान की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। अभियान में जागरूकता सत्र,प्रभात फेरी,नुक्कड़ नाटक, चित्रकला प्रतियोगिता और पंपलेट-पोस्टर वितरण जैसी गतिविधियां होंगी। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालयों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन अधिकार मित्र रामसुंदर दुबे ने किया। पीएलवी ऋषभ,राजेंद्र,लालमन और कुमारी नीरज, अक्षरा,संजू देवी,श्याम, अश्वनी त्रिपाठी,राम मिश्रा,सूर्यकांत,बृजेश, रोहित,राजेंद्र बाबू त्रिपाठी,आदेश श्रीवास्तव, अश्वनी ने पंजीकरण,बैठक व्यवस्था,सामग्री वितरण और कार्यक्रम के समन्वय में सहयोग किया। अंत में नोडल अधिकारियों से अपने-अपने विद्यालयों में सुरक्षित और जागरूक वातावरण विकसित करने का आह्वान किया गया।



