21 सितंबर से बदलने वाला है चंद्रमा का ठिकाना! इन 3 राशियों को रहना होगा बेहद सावधान

Moon Transit in Capricorn 2026: वैदिक ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, कोमल भावनाओं, चित्त की एकाग्रता और आंतरिक मानसिक स्थिति का प्रमुख कारक ग्रह माना गया है।

सौरमंडल के सभी ग्रहों में चंद्रमा सबसे तीव्र गति से चलते हैं और करीब हर ढाई दिन (लगभग 54 घंटे) में एक राशि से दूसरी राशि में गोचर करते हैं। यही कारण है कि उनके राशि परिवर्तन का प्रभाव मानव जीवन और मन-मस्तिष्क पर बहुत तेजी से नजर आता है। 21 सितंबर 2026 को चंद्रमा न्याय के देवता शनिदेव के स्वामित्व वाली मकर राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। शनि की राशि में चंद्रमा का यह संचरण कुछ राशियों के लिए मानसिक उलझन, अचानक बढ़ते खर्च, कार्यक्षेत्र में दबाव और विरोधियों की सक्रियता का कारण बन सकता है।

मकर राशि में चंद्रमा का समय और अवधि

वर्तमान समय में चंद्रमा देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु में संचरण कर रहे हैं। ग्रह गणना के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को सुबह 11 बजकर 15 मिनट पर चंद्रमा धनु से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। मकर राशि पर कर्मफलदाता शनि का आधिपत्य है, जहां चंद्रमा 23 सितंबर की रात 9 बजकर 57 मिनट तक स्थित रहेंगे। इसके उपरांत चंद्रमा मकर से निकलकर शनि की ही दूसरी राशि कुंभ में गोचर कर जाएंगे। हालांकि इस गोचर के बाद संबंधित राशियों के लिए राहत भरे दिन भी शुरू हो सकते हैं, लेकिन ढाई दिन की इस अवधि में 3 खास राशियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी।

मिथुन राशि: अष्टम भाव में गोचर लाएगा अनिश्चितता और तनाव

मिथुन राशि के जातकों के लिए मकर राशि का चंद्रमा आठवें भाव (अष्टम भाव) में गोचर करेगा। ज्योतिषीय नियमों के अनुसार कुंडली का आठवां भाव जीवन में अचानक आने वाले उतार-चढ़ाव, गुप्त मामलों, बाधाओं और अनिश्चितताओं से संबंध रखता है। इस ढाई दिन के दौरान आपको अपने कामकाज और करियर में बेहद सतर्कता बरतनी होगी। अपनी गोपनीय योजनाएं या निजी बातें किसी बाहरी व्यक्ति से साझा करने से बचें। अचानक कोई गैर-जरूरी खर्च सामने आ सकता है, इसलिए बजट बनाकर चलें और लेन-देन में सावधानी रखें। बदलते मौसम में खान-पान को लेकर लापरवाही न बरतें। मानसिक अशांति और तनाव को दूर करने के लिए भगवान शिव की आराधना करें और नियमित रूप से ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का शांत मन से जप करें।

सिंह राशि: छठे भाव में चंद्रमा के आने से विरोधियों से रहें सावधान

सिंह राशि वाले जातकों के लिए मकर राशि कुंडली के छठे भाव (षष्ठम भाव) में पड़ती है। ज्योतिष में छठा भाव रोग, कर्ज और गुप्त शत्रुओं (विरोधियों) का प्रतिनिधित्व करता है। ऐसे में कार्यस्थल या व्यवसाय में विरोधी आपके खिलाफ सक्रिय हो सकते हैं, इसलिए किसी भी तरह के वाद-विवाद या बहसबाजी से दूरी बनाए रखें। दूसरों के मामलों में दखल देने के बजाय केवल अपनी जिम्मेदारियों और प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित करें। स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी यह समय सावधानी बरतने का है; पेट से जुड़ी दिक्कतें या मौसमी बीमारियां परेशान कर सकती हैं, इसलिए नियमित दिनचर्या का पालन करें और संतुलित आहार ही ग्रहण करें।

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कुंभ राशि: बारहवें भाव में गोचर से बढ़ेंगे अनावश्यक खर्चे

कुंभ राशि के जातकों के लिए मकर राशि का चंद्रमा कुंडली के बारहवें भाव (व्यय भाव) में विचरण करेगा। ज्योतिष शास्त्र में बारहवां भाव बेवजह के खर्च, अनिद्रा, विदेश और एकांत का कारक माना जाता है। चंद्रमा की इस स्थिति के चलते आपके खर्चों में अचानक अप्रत्याशित वृद्धि हो सकती है, जिससे आर्थिक संतुलन बिगड़ सकता है। इस दौरान बिना सोचे-समझे कोई बड़ा निवेश या कर्ज का लेन-देन बिल्कुल न करें। किसी बात को लेकर बेवजह मानसिक चिंता करने के बजाय केवल उन कार्यों को प्राथमिकता दें जो तुरंत पूरे होने जरूरी हैं।

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