रेलवे की सख्ती का असर; बिना टिकट यात्रियों से वसूले सौ करोड़, जानिए पूरा मामला

Western Railway ticket checking: भारतीय रेलवे में बिना टिकट सफर करने वालों की तादाद में लगातार इजाफा देखने को मिल रहा है, लेकिन इसके साथ ही रेलवे का टिकट चेकिंग अमला भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है।
बिना टिकट और अनधिकृत यात्रा करने वाले मुसाफिरों के खिलाफ चलाए गए विशेष अभियानों के दम पर रेलवे प्रशासन ने जुर्माने के जरिए राजस्व का नया और शानदार रिकॉर्ड कायम किया है। हाल ही में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, अकेले वेस्टर्न रेलवे ने बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ सख्ती दिखाते हुए जुर्माने के रूप में एक सौ करोड़ रुपये से ज्यादा की भारी-भरकम राशि वसूली है, जिससे रेलवे की तिजोरी मजबूत हुई है।
एसी लोकल ट्रेनों में बढ़ी सख्ती, जुर्माने में 172 फीसदी का जबरदस्त उछाल
वेस्टर्न रेलवे की तरफ से रोजाना लगभग 1414 लोकल ट्रेन सेवाएं और 147 एसी लोकल ट्रेनों का संचालन किया जाता है। आम दिनों में भीड़भाड़ का फायदा उठाकर कई लोग बिना उचित टिकट के या साधारण टिकट लेकर एसी लोकल ट्रेनों में सफर करने की कोशिश करते हैं। ऐसे यात्रियों पर नकेल कसने के लिए रेलवे ने विशेष अभियान चलाया है।
पिछले पांच महीनों के दौरान एसी लोकल में नियमों का उल्लंघन करने वाले यात्रियों के खिलाफ 78600 मामले दर्ज किए गए और इनसे तीन करोड़ छब्बीस लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया। पिछले साल इसी समान अवधि के मुकाबले यह आंकड़ा करीब 172 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी को दर्शाता है, जो यह साफ बताता है कि रेलवे अब एसी कोचों में बिना टिकट घुसपैठ को लेकर बेहद गंभीर हो चुका है।
अप्रैल से अगस्त के बीच लाखों यात्रियों पर हुई कार्रवाई
रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अप्रैल से लेकर अगस्त तक चले इस सघन टिकट चेकिंग अभियान के दौरान कुल 13.47 लाख बिना टिकट और अनियमित यात्रियों को रंगे हाथों पकड़ा गया।
इन सभी से जुर्माने के तौर पर कुल 100.42 करोड़ रुपये की वसूली की गई। टिकट निरीक्षकों और जांच दस्तों ने मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेनों के साथ-साथ मेल एक्सप्रेस, पैसेंजर और तमाम स्पेशल ट्रेनों में भी ताबड़तोड़ औचक निरीक्षण किए। अकेले अगस्त महीने के आंकड़ों पर नजर डालें तो दो लाख तेरह हजार से ज्यादा मामलों में कार्रवाई करते हुए सत्रह करोड़ सोलह लाख रुपये का जुर्माना वसूला गया है।
वैध यात्रियों के हक और अनुशासन के लिए आगे भी जारी रहेगा अभियान
वेस्टर्न रेलवे के अधिकारियों का कहना है कि यह बहुआयामी रणनीति सिर्फ राजस्व जुटाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य वैध तरीके से टिकट लेकर सफर करने वाले ईमानदार यात्रियों के अधिकारों की रक्षा करना और ट्रेनों में यात्रा अनुशासन को बढ़ावा देना है।
भारतीय रेलवे किससे लेती है लाखों करोड़ का कर्ज, अब तक कितना कर्ज चुकाया; पूरे आंकड़े सामने आए
मुंबई उपनगरीय खंड में ही इन पांच महीनों के भीतर चार लाख पैंसठ हजार मामले सामने आए जिनसे पच्चीस करोड़ से अधिक का जुर्माना प्राप्त हुआ। रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि वैध यात्रा को सुनिश्चित करने के लिए आने वाले दिनों में यह अभियान और अधिक कड़ाई तथा तीव्रता के साथ जारी रहेगा ताकि बिना टिकट यात्रा करने की प्रवृत्ति पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।



