किचन में मौजूद ये सफेद कली घटा सकती है BP और बैड कोलेस्ट्रॉल, जानें इसे खाने का सही तरीका

Garlic Health Benefits: भारतीय रसोई का जायका बढ़ाने वाला लहसुन केवल एक मसाला नहीं, बल्कि सेहत का जबरदस्त खजाना भी है। दाल में तड़का लगाना हो, रसेदार सब्जी बनानी हो या चटपटी चटनी तैयार करनी हो, लहसुन हर व्यंजन का स्वाद दोगुना कर देता है। लेकिन स्वाद से अलग अगर सेहत के नजरिए से देखें, तो इसमें मौजूद औषधीय गुण शरीर को कई गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखने में मददगार साबित होते हैं।
हाई ब्लड प्रेशर और दिल की सेहत के लिए वरदान
वैज्ञानिक अनुसंधानों में यह बात साबित हो चुकी है कि लहसुन का नियमित सेवन हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से जूझ रहे मरीजों के लिए काफी फायदेमंद है। लहसुन में भरपूर मात्रा में सल्फर यौगिक पाए जाते हैं, जो रक्त वाहिकाओं (नसों) को रिलैक्स करने का काम करते हैं। इससे शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुचारू बना रहता है और हृदय पर अतिरिक्त दबाव नहीं पड़ता।
फ्री रेडिकल्स और सूजन से दिलाता है सुरक्षा
लहसुन में उच्च स्तरीय एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में मौजूद हानिकारक फ्री रेडिकल्स को बेअसर करने का काम करते हैं। इसके सेवन से शरीर का ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस घटता है। अगर शरीर में लंबे समय तक आंतरिक सूजन बनी रहे तो यह कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकती है। लहसुन के सक्रिय तत्व इस क्रोनिक सूजन को शांत करने और शरीर की कोशिकाओं को डैमेज होने से बचाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसे हरी सब्जियों, साबुत अनाज और फलों के साथ डाइट में शामिल करना बहुत मुफीद रहता है।
बैड कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण और गट हेल्थ को मजबूती
हृदय रोगों का बड़ा कारण बनने वाले बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) के स्तर को थोड़ा कम करने में लहसुन उपयोगी माना जाता है। हालांकि कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण के लिए केवल लहसुन पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित भोजन, नियमित वॉक और चिकित्सीय सलाह भी उतनी ही जरूरी है। इसके साथ ही, लहसुन में नेचुरल प्रीबायोटिक गुण पाए जाते हैं, जो आंतों (Gastrointestinal tract) में मौजूद गुड बैक्टीरिया को पोषण देते हैं और पाचन तंत्र को दुरुस्त रखते हैं।
लहसुन खाने का सही तरीका और ‘एलिसिन’ का सीक्रेट
अक्सर लोग सुबह खाली पेट कच्चा लहसुन खाने का सुझाव देते हैं, लेकिन हर व्यक्ति का पाचन तंत्र इसे सहन नहीं कर पाता। कच्चा लहसुन संवेदनशील पेट वालों को गैस, सीने में जलन या ऐंठन की समस्या दे सकता है। इसे दाल, सब्जी, सूप या चटनी में पकाकर खाना सबसे सुरक्षित उपाय है। लहसुन का पूरा स्वास्थ्य लाभ पाने के लिए इसे काटने या कुचलने के बाद 5 से 10 मिनट के लिए छोड़ देना चाहिए। ऐसा करने से इसमें ‘एलिसिन’ (Allicin) नामक शक्तिशाली तत्व सक्रिय हो जाता है, जो इसे गुणकारी बनाता है।
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अत्यधिक सेवन से बचें और इन सावधानियों का रखें ध्यान
किसी भी चीज की अति नुकसानदेह होती है, और यही नियम लहसुन पर भी लागू होता है। बहुत अधिक मात्रा में लहसुन खाने से मुंह से दुर्गंध, अपच, एसिडिटी और पेट में तेज जलन हो सकती है। विशेष रूप से जो मरीज खून पतला करने वाली दवाइयों (Blood Thinners) का सेवन कर रहे हैं, उन्हें नियमित रूप से ज्यादा लहसुन खाने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लेना चाहिए।


