शमी की टीम इंडिया में वापसी की उम्मीद अभी बाकी, 2027 वर्ल्ड कप पर जहीर खान ने दिए बड़े संकेत

Shami 2027 World Cup: मोहम्मद शमी लंबे समय से भारतीय टीम से बाहर हैं। मार्च 2025 के बाद उन्होंने भारत की ओर से कोई इंटरनेशनल मुकाबला नहीं खेला है। उनकी आखिरी इंटरनेशनल उपस्थिति आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में हुई थी। इसके बाद से चयनकर्ताओं ने उन्हें टीम में जगह नहीं दी है।
श्रीलंका दौरे पर होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भी शमी का चयन नहीं हुआ। इसके बावजूद उनके अंतरराष्ट्रीय करियर पर अभी विराम लगा हुआ नहीं माना जा रहा है। पूर्व भारतीय तेज गेंदबाज जहीर खान का मानना है कि अगर शमी लगातार क्रिकेट खेल रहे हैं और उपलब्ध हैं तो भारतीय टीम में वापसी का रास्ता पूरी तरह बंद नहीं हुआ है।
शमी इस समय आईपीएल और घरेलू क्रिकेट में सक्रिय हैं। इसी महीने शुरू होने वाली दलीप ट्रॉफी 2026 में भी वह खेलते नजर आएंगे। ऐसे में उनके प्रदर्शन पर सभी की नजर रहेगी।
क्या 2027 वर्ल्ड कप में दिखेंगे शमी?
2027 वनडे वर्ल्ड कप को देखते हुए शमी की संभावित वापसी चर्चा का विषय बनी हुई है। जहीर खान से विमल कुमार के यूट्यूब चैनल पर इसी मुद्दे को लेकर सवाल किया गया।
जहीर ने साफ किया कि किसी खिलाड़ी के भविष्य को लेकर टीम मैनेजमेंट की सोच अलग हो सकती है। लेकिन खिलाड़ी के नजरिए से देखें तो जब तक वह क्रिकेट खेल रहा है और टीम के लिए उपलब्ध है तब तक उसके पास वापसी का मौका रहता है।
उनके मुताबिक शमी के लिए फिलहाल सबसे जरूरी चीज मैच खेलना और अच्छा प्रदर्शन करना है। टीम की अंदरूनी योजना पर ज्यादा ध्यान देने के बजाय खिलाड़ी को उन चीजों पर फोकस करना चाहिए जो उसके नियंत्रण में हैं।
शमी के लिए घरेलू क्रिकेट बना अहम मंच
भारतीय टीम से बाहर होने के बाद शमी के लिए घरेलू क्रिकेट काफी महत्वपूर्ण हो गया है। उनके पास यहां खुद को फिट साबित करने और गेंद से प्रभाव छोड़ने का मौका है।
आईपीएल में भी उनकी सक्रियता यह बताती है कि वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट से दूर नहीं हैं। अब दलीप ट्रॉफी में उनका प्रदर्शन उनके आगे के सफर के लिए अहम हो सकता है।
अगर शमी लगातार फिट रहते हैं और प्रभावी गेंदबाजी करते हैं तो 2027 वर्ल्ड कप की टीम में जगह बनाने की उनकी दावेदारी पर फिर से चर्चा हो सकती है।
तेज गेंदबाजों की चोट ने बढ़ाई चिंता
भारतीय तेज गेंदबाजी विभाग इन दिनों चोट की समस्या से भी जूझ रहा है। जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट से पूरी तरह उबर नहीं पाए और इसी कारण वह श्रीलंका सीरीज से बाहर हो गए। उनकी जगह आकिब को रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया।
जहीर खान ने तेज गेंदबाजों की चोट को क्रिकेट का हिस्सा बताया। हालांकि उनका मानना है कि खिलाड़ियों के वर्कलोड पर सही तरीके से नजर रखना जरूरी है। गेंदबाजों के लिए ऐसी योजना बनानी चाहिए जिससे शरीर पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
चोट की वजह समझना जरूरी
जहीर के अनुसार किसी गेंदबाज को बार-बार चोट लग रही है तो सिर्फ समस्या को मैनेज करना पर्याप्त नहीं है। उसके पीछे की असली वजह समझना भी जरूरी है।
खिलाड़ी के लिए सबसे बेहतर तरीका यही है कि वह उन पहलुओं पर काम करे जो उसके नियंत्रण में हैं। फिटनेस, वर्कलोड और सही प्लानिंग पर ध्यान देकर चोट के जोखिम को कम करने की कोशिश की जा सकती है।
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फिलहाल शमी के लिए तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है। लेकिन जब तक वह क्रिकेट खेल रहे हैं और खुद को उपलब्ध रखते हैं तब तक 2027 वनडे वर्ल्ड कप की दौड़ से उन्हें पूरी तरह बाहर मानना जल्दबाजी होगी।


