दुनिया की सबसे बड़ी स्मार्टफोन फैक्ट्री भारत के इस जिले में, यहां हर साल बनते हैं 12 करोड़ फोन

Smartphone Factory India:आज भारत न सिर्फ़ दुनिया का सबसे बड़ा स्मार्टफ़ोन बाज़ार बन गया है, बल्कि स्मार्टफ़ोन बनाने का एक अहम केंद्र भी बन गया है। इस सफ़र में एक बड़ी उपलब्धि उत्तर प्रदेश के नोएडा में दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल बनाने वाली फ़ैक्ट्री का खुलना है।
दक्षिण कोरिया की टेक कंपनी सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने 2018 में नोएडा में यह अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग यूनिट शुरू की थी। इस प्रोजेक्ट ने भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फ़ॉर द वर्ल्ड’ पहल को काफ़ी बढ़ावा दिया है।
हर साल 120 मिलियन स्मार्टफ़ोन का उत्पादन
सैमसंग की इस मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में हर साल लगभग 120 मिलियन (12 करोड़) मोबाइल फ़ोन बनाने की क्षमता है। फ़ैक्ट्री के विस्तार से पहले, कंपनी की सालाना उत्पादन क्षमता 68 मिलियन (6.8 करोड़) यूनिट थी। विस्तार के बाद, यह क्षमता लगभग दोगुनी होकर 120 मिलियन यूनिट तक पहुँच गई। नतीजतन, नोएडा स्थित यह फ़ैक्ट्री दुनिया के सबसे बड़े मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब में से एक बन गई है।
प्रधानमंत्री मोदी ने किया उद्घाटन
इस बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन जुलाई 2018 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इस प्रोजेक्ट के ज़रिए सैमसंग ने अपनी “मेक फ़ॉर द वर्ल्ड” पहल शुरू की। इस पहल के तहत, भारत में बने मोबाइल फ़ोन दुनिया भर के कई देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं।
यह फ़ैक्ट्री कहाँ स्थित है?
नोएडा सेक्टर 81 में स्थित यह फ़ैक्ट्री लगभग 35 एकड़ में फैली हुई है। इस यूनिट में कई तरह के डिवाइस बनाए जाते हैं, जिनमें एंट्री-लेवल स्मार्टफ़ोन, मिड-रेंज मॉडल और प्रीमियम फ़्लैगशिप स्मार्टफ़ोन शामिल हैं। भारत में स्थानीय माँग को पूरा करने के अलावा, यहाँ बने मोबाइल फ़ोन कई देशों में एक्सपोर्ट किए जाते हैं।
नोएडा में सैमसंग की फ़ैक्ट्री को भारत की पहली वर्ल्ड-क्लास इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स में से एक माना जाता है। इस प्रोजेक्ट ने हज़ारों नौकरियाँ पैदा की हैं और भारत की पहचान एक ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब के तौर पर बनाने में अहम भूमिका निभाई है।
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2007 से भारत में मैन्युफैक्चरिंग
वहीं, सैमसंग 2007 से भारत में मोबाइल फ़ोन बना रही है। कंपनी भारत में न सिर्फ़ मोबाइल फ़ोन असेंबल करती है, बल्कि प्रिंटेड सर्किट बोर्ड भी बनाती है। भारत सरकार के फ़ेज़्ड मैन्युफैक्चरिंग प्रोग्राम (PMP) के तहत स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के मकसद से, कंपनी ने अपनी मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रियाओं में लगातार निवेश किया है।


