क्या आप भी खा रहे हैं नकली लौंग, चंद सेकंड में ऐसे करें असली नकली की पहचान
real vs fake cloves: जानें कैसे नकली लौंग आपकी सेहत को नुकसान पहुंचा सकती है। घर पर 5 सेकंड में असली और नकली लौंग पहचानने का आसान तरीका।

real vs fake cloves: हम सभी रसोई में मसालों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आपकी पसंदीदा लौंग भी नकली हो सकती है। लौंग सिर्फ खाने का स्वाद नहीं बढ़ाती बल्कि दांत दर्द, गले में खराश और पाचन सुधारने में भी मदद करती है। लेकिन अगर यह मिलावटी हो तो आपके स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है।
नकली लौंग कैसे बनती है
असल लौंग में यूजेनोल नामक तेल होता है जो इसे खुशबू और औषधीय गुण देता है। कुछ लोग मुनाफे के लिए इस तेल को निकाल देते हैं और खाली लौंग बाजार में बेच देते हैं। कभी-कभी टूटी हुई या खराब लौंग को मिलाकर भी नकली लौंग बनाई जाती है। कुछ व्यापारी इसे ताजा दिखाने के लिए कृत्रिम तेल या रंग भी लगाते हैं। लंबे समय तक ऐसी लौंग खाने से लीवर और पेट को नुकसान हो सकता है।
घर पर 5 सेकंड में लौंग की पहचान
- आप आसानी से घर पर असली और नकली लौंग का अंतर पहचान सकते हैं। इसके लिए बस एक गिलास पानी चाहिए।
- पानी में एक या दो लौंग डालें।
- अगर लौंग पानी में डूबती है या सीधी खड़ी रहती है तो यह ताजी और असली है।
- अगर लौंग पानी में तैरती है या तिरछी रहती है तो यह तेल रहित या पुरानी हो सकती है।
इसके अलावा रंग और स्पर्श से भी पहचान संभव है। असली लौंग का ऊपर वाला हिस्सा गहरा भूरा और नीचे हल्का भूरा होता है। नकली लौंग अक्सर बहुत काली या एकसमान रंग की होती है। उंगलियों से हल्का दबाकर भी तेल महसूस किया जा सकता है। असली लौंग में हल्की चिकनाहट महसूस होती है।
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क्यों है असली लौंग जरूरी
लौंग में एंटीऑक्सीडेंट्स प्रचुर मात्रा में होते हैं। यह पाचन सुधारने, दांत दर्द में राहत देने और इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करती है। लेकिन इन सभी फायदों के लिए जरूरी है कि आप असली और शुद्ध लौंग का ही इस्तेमाल करें। खुशबू भी इसे पहचानने का एक आसान तरीका है।



