पूरे देश में ‘ESMA’ लागू, फ्यूल की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार का फैसला

LPG crisis India 2026: सेंट्रल एशिया में बढ़ते तनाव का असर अब भारत की फ्यूल सप्लाई पर पड़ रहा है। LPG सिलेंडर और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की कमी को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने आज से पूरे देश में ‘ESMA’ यानी ‘एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट’ लागू कर दिया है। इसके साथ ही, जब युद्ध जैसे हालात की वजह से किसी चीज़ की सप्लाई में रुकावट आती है, तो बाज़ार में उस चीज़ की जमाखोरी और कालाबाज़ारी की संभावना रहती है। इसे रोकने के लिए सरकार इस कानून का सहारा ले रही है।
इस कानून से फ्यूल सप्लाई से जुड़े कर्मचारी अब किसी भी तरह का आंदोलन या हड़ताल नहीं कर पाएंगे। इससे सरकार को यह पक्का करने में मदद मिलेगी कि गैस और पेट्रोल की सप्लाई में रुकावट न आए। सरकार किसी भी चीज़ के स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन और बिक्री पर लिमिट लगा सकती है। अभी LPG के साथ ऐसा हो रहा है। ट्रेडर या सेलर ज़्यादा मुनाफ़े के लिए गैस सिलेंडर जमा नहीं कर सकते। ऐसा करते पाए जाने पर उनके विरुद्ध क्रिमिनल केस दर्ज किया जाएगा। सरकार ज़रूरी चीज़ों की मैक्सिमम सेलिंग प्राइस तय कर सकती है, ताकि कमी के समय कस्टमर्स को लूटा न जा सके।
ज़रूरी सेवाओं का स्टेटस
LPG डिस्ट्रीब्यूशन, पेट्रोल पंप और तेल कंपनियों के काम को ‘ज़रूरी सेवाएँ’ घोषित किया गया है। इस एक्ट के तहत जो कर्मचारी काम पर आने से मना करेंगे, उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई या गिरफ्तारी हो सकती है। इस फैसले के पीछे मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि घरेलू सप्लाई सही तरीके से बंटे, जबकि युद्ध के कारण कच्चे तेल की आवक कम हो गई है।
LPG crisis news: बाहर खाना भूल जाइए, देश के आधे रेस्टोरेंट्स पर आई ताला लगने की नौबत
जनता पर क्या असर पड़ेगा?
सरकार ने यह फैसला आम जनता की सुविधा के लिए लिया है, ताकि अस्पतालों और घरेलू इस्तेमाल के लिए ज़रूरी गैस समय पर मिल सके। हालांकि, सरकार अब कमी की अफवाह फैलाकर जमाखोरी करने वालों पर भी कड़ी नज़र रखेगी। तेल कंपनियों को इस एक्ट के तहत दूसरे प्रोडक्ट कम करने और सिर्फ LPG प्रोडक्शन पर फोकस करने का आदेश दिया गया है।



