चीन ने दुखती रग दबाई, अमेरिका नरम पड़ा; भारत से मदद मांगी

china rare earth curbs: चीन ने दुर्लभ खनिजों के निर्यात पर सख्ती बढ़ाई, जिससे अमेरिका चिंतित है। अब भारत समेत अन्य देशों से मदद मांगी।

rare earth curbs china: बीते कुछ वक्त से अमेरिका अलग अलग कारणों (जैसे आयात शुल्क, रूस से तेल खरीद) के लिए भारत पर दबाव बना रहा है। हालाँकि, अब जब चीन ने अमेरिका की ‘दुखती नस’ दबा दी है, तो अमेरिका ने नरम रुख अपनाया है। राष्ट्रपति ट्रम्प, जो भारत पर दबाव बना रहे हैं, भारत से मदद की उम्मीद कर रहे हैं। चीन ने ‘दुर्लभ मृदा तत्वों’ के निर्यात पर प्रतिबंधों को और कड़ा करने की घोषणा की है, जिससे अमेरिका काफी नाराज़ है।

चीन की ‘दुर्लभ मृदा’ में कौन कौन सी चीजें

रेयर अर्थ एलिमेंट्स हैं जिनका उपयोग स्मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइनों और रक्षा उपकरणों तक, कई अत्याधुनिक तकनीकों में किया जाता है। चीन ने इससे पहले अप्रैल में सात ‘दुर्लभ मृदाओं’ के निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिनमें सैमेरियम, गैडोलीनियम, टेरबियम, डिस्प्रोसियम, ल्यूटेटियम, स्कैंडियम और यट्रियम शामिल हैं। अब चीन ने इस सूची में पाँच और दुर्लभ धातुओं को शामिल कर लिया है, जिनमें होल्मियम, एर्बियम, थ्यूलियम, यूरोपियम और यटरबियम शामिल हैं।

चीन पर अमेरिका की भारी निर्भरता

चीन के इस फैसले का अमेरिका और दुनिया भर के कई अन्य देशों पर गहरा असर पड़ेगा। अमेरिका अपनी 70 प्रतिशत से ज़्यादा ‘रेयर अर्थ एलिमेंट्स’ चीन से आयात करता है। चीन के इस रुख ने अमेरिका में गहरी चिंता पैदा कर दी है। शुरुआत में, अमेरिका ने चीन के प्रतिबंधों का जवाब चीनी उत्पादों पर 100 प्रतिशत आयात शुल्क लगाकर दिया था। हालाँकि, अब अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने इस मामले में भारत से मदद मांगी है।

rare earth minerals पर चीन का झटका, भारत को दी ये धमकी

अमेरिका ने भारत से मदद क्यों मांगी?

सीएनबीसी को दिए एक साक्षात्कार में वित्त मंत्री बेसेंट ने कहा कि हम यूरोपीय सहयोगियों, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, भारत और एशियाई देशों के साथ चर्चा करेंगे। हम सभी चीन के इस कदम का जवाब देने के लिए एकजुट होंगे। बेसेंट के अनुसार, चीन का यह फैसला न केवल अमेरिका के लिए, बल्कि दुनिया भर के कई देशों के लिए भी चिंता का विषय है। दुनिया भर में ‘दुर्लभ मृदा’ की आपूर्ति जारी रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए सभी को मिलकर काम करने की ज़रूरत है।

 

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