कॉलेज की दोस्ती से आया बिज़नेस आइडिया; 2.50 लाख रुपए के निवेश से 70 लाख की कंपनी बनाई

KHET Perfume Brand: बिज़नेस की पढ़ाई के दौरान क्लासरूम में बना एक आइडिया कैसे करोड़ों के बाज़ार में अपनी मजबूत जगह बना सकता है, इसका शानदार उदाहरण पेश किया है दो युवा उद्यमियों माधव नारंग और अरहम जैन ने।

गुरुग्राम स्थित मास्टर्स यूनियन से बिज़नेस मैनेजमेंट की पढ़ाई करते हुए दोनों की दोस्ती हुई और वहीं से दोनों ने मिलकर कुछ अलग करने का सपना देखा। इसी सोच के साथ उन्होंने ‘KHET’ नाम से एक अनूठा परफ्यूम ब्रांड खड़ा किया। अपनी खास भारतीय पहचान, अनोखी सुगंधों और लीक से हटकर की गई ब्रांडिंग के बूते इस नए स्टार्टअप ने अब तक ₹70 लाख का शानदार रेवेन्यू जुटाकर सबको चौंका दिया है।

₹2.5 लाख की शुरुआती पूंजी से कन्नौज से दिल्ली तक का संघर्ष

इस सफल सफर की शुरुआत महज़ ₹2.5 लाख की छोटी सी पूंजी से हुई थी, जिसे दोनों ने अपनी निजी बचत और परिजनों की मदद से जुटाया था। इस मुकाम तक पहुंचने का रास्ता बिल्कुल भी आसान नहीं था। असली खुशबुओं की तलाश में इन युवाओं ने इत्र की ऐतिहासिक नगरी कन्नौज की संकरी गलियों से लेकर पुरानी दिल्ली के पारंपरिक परफ्यूम बाज़ारों तक खाक छानी। गहन रिसर्च और फॉर्मूलेशन के बाद उन्होंने दिल्ली में ऑफ़लाइन पॉप-अप स्टोर्स के ज़रिए अपने प्रोडक्ट्स को पहली बार सीधे ग्राहकों के सामने उतारा, जिसे शुरुआती दौर में ही हाथों-हाथ लिया गया।

विदेशी नकल से मोहभंग और भारतीय पहचान के साथ ‘KHET’ की नई उड़ान

शुरुआती दौर में ऑफ़लाइन बिक्री के दम पर ब्रांड ने ₹30 से ₹40 लाख का रेवेन्यू हासिल कर लिया था। लेकिन इस आरंभिक कामयाबी के बावजूद दोनों दोस्त पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे, क्योंकि वे उस समय पश्चिमी नामों और विदेशी ब्रांड्स के ढर्रे पर चल रहे थे। पश्चिमी परफ्यूमरी की अंधी नकल छोड़ने का साहस दिखाते हुए उन्होंने अक्टूबर 2025 में ब्रांड का कायापलट किया और इसे पूरी तरह देसी मिज़ाज के साथ ‘KHET’ के रूप में रीब्रांड किया। इसका मुख्य उद्देश्य विदेशी नकल से कोसों दूर, असली और मिट्टी से जुड़ी भारतीय खुशबुओं और सांस्कृतिक यादों को बोतलों में कैद करना था।

‘Chai & Rum’ से ‘Snake Charmer’ तक: ₹2,501 के शगुन वाला फॉर्मूला

रीब्रांडिंग के तहत उन्होंने भारतीय जनमानस और अनूठे अनुभवों से प्रेरित होकर ऐसी रेंज उतारी जो युवाओं के दिल को छू गई। इनमें ‘Chai & Rum’, ‘Tota Keri’, ‘Kala Pani’ और ‘Snake Charmer’ जैसे खास ब्लेंड्स शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने भारतीय संस्कृति के पारंपरिक ‘शगुन’ की भावना को अपनाते हुए ₹2,501 की अनोखी प्राइसिंग स्ट्रेटेजी लागू की, जिसने ग्राहकों को भावनात्मक स्तर पर सीधे ब्रांड से जोड़ दिया।

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हर महीने ₹15 लाख की कमाई, भारतीय इत्र को दुनिया में चमकाने का लक्ष्य

अपनी प्रीमियम क्वालिटी और अनोखी डिजिटल मार्केटिंग की बदौलत यह ब्रांड आज देश के सबसे तेज़ी से उभरते D2C स्टार्टअप्स में शामिल हो चुका है। रीब्रांडिंग के बाद से अब तक यह 5,000 से अधिक संतुष्ट ग्राहकों को अपने प्रोडक्ट्स पहुंचा चुका है। मौजूदा समय में ब्रांड की मासिक कमाई ₹14 लाख से ₹15 लाख के बीच चल रही है, जिसके दम पर इसने ₹70 लाख के कुल रेवेन्यू का अहम पड़ाव पार कर लिया है। अब माधव नारंग और अरहम जैन का अगला बड़ा लक्ष्य भारत के पारंपरिक अत्तर और इत्र कला को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक आधुनिक ग्लोबल पहचान दिलाना है।

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