इजराइल के सामने ईरान कब तक टिकेगा, दोनों देशों की मिलिट्री ताकत जानिए

Iran War 2026: इज़राइल और अमेरिका ने शनिवार सुबह-सुबह ईरान की राजधानी तेहरान पर बड़ा एयरस्ट्राइक किया। मिडिल ईस्ट में तनाव बहुत बढ़ गया है और जंग के बादल छा गए हैं। इज़राइल ने इसे एक प्रिवेंटिव स्ट्राइक बताया है और दावा किया है कि यह ईरान के किसी बड़े हमले को रोकने के लिए किया गया था।

मिली जानकारी के मुताबिक, इज़राइल ने तेहरान में मिलिट्री बेस के साथ-साथ इस्फ़हान, क़ोम और खोरमाबाद जैसे ज़रूरी शहरों को भी निशाना बनाया। हैरानी की बात यह है कि हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई का घर भी तबाह हो गया। अच्छी बात यह है कि खामेनेई उस समय मौजूद नहीं थे। खबर है कि उन्हें सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है।

Israel vs Iran, दोनों कौन ज़्यादा ताकतवर

1) मैनपावर:

ईरान: ईरान के पास 600,000 एक्टिव सैनिक और 350,000 रिज़र्व सैनिक हैं। संख्या के मामले में ईरान का पलड़ा भारी है।

इज़राइल: हालांकि इज़राइल के पास 1.7 लाख एक्टिव सैनिक हैं, मगर उसके पास 4.5 लाख बहुत पढ़े-लिखे और ट्रेंड रिज़र्विस्ट हैं जिन्हें कुछ ही घंटों में तैनात किया जा सकता है।

2) एयर पावर:

इज़राइल: इज़राइल के पास 600 से ज़्यादा एडवांस्ड एयरक्राफ्ट हैं। इसमें रडार से बचने वाला F-35 जैसा ‘स्टील्थ’ एयरक्राफ्ट भी शामिल है।

ईरान: ईरान के पास 500 से ज़्यादा एयरक्राफ्ट हैं। हालांकि, उनमें से ज़्यादातर पुराने मॉडल के हैं। बैन की वजह से उन्हें इन एयरक्राफ्ट को अपग्रेड करने में मुश्किलें आ रही हैं।

3) मिसाइल टेक्नोलॉजी:

ईरान की असली ताकत उसकी बैलिस्टिक और क्रूज़ मिसाइलें हैं। ईरान के पास हज़ारों मिसाइलों का स्टॉक है, जो इज़राइल के लिए एक बड़ा खतरा है। दूसरी ओर, इज़राइल के पास ‘आयरन डोम’ जैसा दुनिया का सबसे अच्छा मल्टी-लेयर्ड एयर डिफेंस सिस्टम है, जो दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही खत्म करने में काबिल है।

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4) डिफेंस बजट:

इज़राइल: 2024 में $46.5 बिलियन। इसके अलावा, US की तरफ से भी अच्छी-खासी मिलिट्री मदद मिलती है।

ईरान: अपने सीमित बजट के कारण ईरान मुख्य रूप से सस्ते ड्रोन और मिसाइल टेक्नोलॉजी पर ध्यान केंद्रित करता है।

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