प्रसव पूर्व लिंग की जांच कराना अपराध है: अश्वनी त्रिपाठी

अहेरीपुर,इटावा। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायमूर्ति सूर्यकांत के निर्देश पर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रजत सिंह जैन तथा विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव रूपेंद्र सिंह टोंगर के संयोजन में ब्लॉक सभागार महेवा में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
उपरोक्त शिविर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के प्राविधिक स्वयंसेवक व अधिकार मित्र अश्विनी त्रिपाठी ने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग की जांच कराने पर कठोर से कठोर सजा का प्रावधान किया गया है।
त्रिपाठी ने कहा कि अगर कोई भी अल्ट्रासाउंड सेंटर या डॉक्टर किसी भी महिला के भ्रूण लिंग की जांच करता है या करवाता है तो कम से कम तीन साल की सजा और पचास हजार रुपया तक का जुर्माना किया जा सकता है।
त्रिपाठी ने मानव तस्करी और यौन अपराधो के बारे में भी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को जानकारी दी।
उपरोक्त विधिक शिविर की अध्यक्षता बीएमएम शशि लता ने की। उपस्थित महिलाओं में कंचन लता, दीप्ति,कल्पना,पुष्पा,पूजा, प्रियंका,अनीता,अंजना, रिचा,सुनीता,राधा,रश्मि, पिंकी,कुसुम लता सहित दर्जनों महिलाऐं उपस्थित रहीं।



