लाल गमछा हमारा प्रतीक है, रेलवे यूनियन ने सरकार को दी चेतावनी, OPS बहाली की मांग तेज़

मऊ। एन.ई. रेलवे मजदूर यूनियन, वाराणसी मंडल के अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी की अध्यक्षता में मऊ रेलवे स्टेशन परिसर में यूनियन की मऊ शाखा द्वारा कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेलवे कर्मचारियों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की गई, जिसमें प्रमुख रूप से आठवें वेतन आयोग, पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) की बहाली और कर्मचारियों के हितों से संबंधित मुद्दे शामिल रहे।

जोनल अध्यक्ष बसंत चतुर्वेदी ने अपने संबोधन में कहा कि सरकार द्वारा लागू की गई नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) से कर्मचारियों का भविष्य असुरक्षित हो गया है। उन्होंने कहा कि रेलवे के इंजीनियरों सहित सभी कर्मचारी पुरानी पेंशन स्कीम (ओपीएस) को पुनः लागू करने की मांग कर रहे हैं। जिस तरह सांसद, विधायक और मंत्री पुरानी पेंशन का लाभ उठा रहे हैं, उसी तरह देश की आर्थिक रीढ़ माने जाने वाले मजदूर वर्ग को भी वही सुविधा मिलनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर आज तक रेलवे कर्मचारियों ने देश के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। स्टीम इंजन के युग से लेकर इलेक्ट्रिक इंजन के आधुनिक दौर तक कर्मचारियों ने रेलवे की प्रगति में अपनी मेहनत और समर्पण से नई ऊंचाइयां हासिल की हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी उचित मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है, जो बेहद निराशाजनक है।

बैठक में वक्ताओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने जल्द ही पुरानी पेंशन स्कीम बहाल नहीं की तो यूनियन आंदोलन का रास्ता अपनाने को विवश होगी।
अध्यक्ष चतुर्वेदी ने कहा कि “हम लड़ाकू कौम से आते हैं, लाल गमछा हमारे रक्त के रंग का प्रतीक है, जो अन्याय के खिलाफ लड़ना भी जानता है और अपना हक लेना भी जानता है।”

बैठक में यूनियन बसंत चतुर्वेदी जोनल/ अध्यक्ष , के एल गुप्ता/संरक्षक, एन बी सिंह मंडल अध्यक्ष वाराणसी, देवेंद्र यादव/शाखाध्यक्ष,मऊ राजेश सिंह/ शाखामंत्री,मऊ के संयुक्त नेतृत्व में मौजूद रहे जिन्होंने एक स्वर में ओपीएस बहाली और कर्मचारियों की लंबित मांगों को जल्द पूरा करने की अपील की। यूनियन ने यह भी स्पष्ट किया कि रेलवे कर्मचारियों की अनदेखी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और यदि आवश्यक हुआ तो व्यापक आंदोलन छेड़ा जाएगा।

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