एसआईआर प्रक्रिया में दर्ज होगा हर मतदाता: एसडीएम
SiR का उद्देश्य निर्वाचन सूची शुद्ध पारदर्शी बनाना

जसवंतनगर,इटावा। भारत निर्वाचन आयोग नई दिल्ली द्वारा घोषित निर्वाचक नामावलियों का विशेष प्रगाढ पुनरीक्षण यानी एसआईआर कार्यक्रम के तहत निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी व उपजिलाधिकारी कुमार सत्यम जीत ने तहसील सभागार में मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय राजनैतिक पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक कर विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा साझा की।
ईआरओ कुमार सत्यम जीत ने बताया कि भारतीय चुनाव आयोग की मंशानुरूप यह विशेष प्रागढ़ पुनरीक्षण कार्य मतदाता सूची को शुद्धता और पारदर्शी बनाए रखने के उद्देश्य से किया जा रहा है।चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार प्रथम चरण में हाल ही में बिहार राज्य में इसे सफलतापूर्वक लागू किया गया। द्वितीय चरण में यह प्रक्रिया उत्तर प्रदेश समेत 12 राज्यों में लागू की गई है। वर्ष 1951 से 2004 तक आठ बार विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण कार्य किया जा चुका है।
प्रदेश में अंतिम एसआईआर वर्ष 2003 में लागू की गई थी।एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची में नाम की शुद्धता,नए नाम जोड़ना,मृत मतदाताओं का नाम विलोपित करना,प्रवासित हुए मतदाताओं का स्थानांतरण सुनिश्चित करना होता है।
जब निर्वाचन आयोग को लगता है कि मतदाता सूची बहुत अधिक असंतुलित हो गई है और जब आम मतदाता पुनरीक्षण अर्थात एनुअल रिवीजन से इसे ठीक करना पर्याप्त नहीं होता है तब निर्वाचन आयोग द्वारा विशेष प्रागढ़ पुनरीक्षण की प्रक्रिया को अपनाया जाता है।इस प्रक्रिया के तहत बीएलओ घर-घर जाकर फार्म 6,7,8 के माध्यम से मतदाता सूची में नया नाम जोड़ने हटाने और सूची में सुधार करने का काम करते हैं।
वर्तमान में 28 अक्टूबर से 3 नवंबर 2025 से यहाँ लागू एसआईआर कार्यक्रम के तहत विभिन्न दिवसों में विभिन्न निर्धारित कार्यक्रमों के बाद निर्वाचन नामावली का आलेख्य प्रकाशन नौ दिसंबर को किया जाएगा और अंतिम प्रकाशन सात फरवरी 2026 को होगा।ईआरओ ने सभी राजनैतिक दलों से सहयोग की अपेक्षा की।बैठक में तहसीलदार नेहा सचान,वीआरसी पवन कुमार के अलावा भाजपा, सपा,बसपा,आम आदमी पार्टी समेत अन्य दलों के पदाधिकारी नेता के मौजूद रहे।



