UP में निषाद पार्टी का संघर्ष; 130-150 सीटों पर राजनीतिक दबदबा, क्या बीजेपी उठा पाएगी फायदा
निषाद पार्टी ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर साधा निशाना

सूबे के सीएम योगी ने हाल ही में ‘विमुक्त एवं घुमंतू जनजाति दिवस’ के अवसर पर आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर सीएम ने राज्य के विभिन्न विमुक्त एवं घुमंतू समुदायों के लिए कई अहम घोषणाएं की।
साथ ही इस कार्यक्रम के माध्यम से उन्होंने राजनीतिक सहयोग और एकता का संदेश भी दिया।
ब्रिटिश शासनकाल में लागू आपराधिक जनजाति अधिनियम 1871 जो खानाबदोश और विमुक्त जनजातियों को अपराधी मानता था को निरस्त करने के उपलक्ष्य में इस आयोजन का महत्व और भी बढ़ गया है।
हर साल 31 अगस्त को आयोजित इस दिवस पर सीएम ने राज्य के इन समुदायों के लिए एक आवास योजना की घोषणा की और साथ ही एक कल्याण बोर्ड का भी गठन किया जिससे इन समुदायों को भूमि प्रदान की जा सके।
ये भी पढ़ें- सपा में होगी बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक, इन नेताओं को पार्टी से निष्कासित करेंगे अखिलेश यादव
संजय निषाद की मौजूदी में बयानबाजी
कार्यक्रम में निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद भी उपस्थित थे। इस दौरान सीएम योगी ने मंत्री असीम अरुण से आग्रह किया कि वे इन जनजातियों के लिए भूमि और आवास उपलब्ध कराएँ ताकि इनकी असली आज़ादी सुनिश्चित हो सके।
वहीं संजय निषाद ने भाजपा सरकार के कार्यों की सराहना की और कहा कि पहले जो जनजातियाँ पुलिस से डरती थीं आज भाजपा सरकार के प्रयासों से उन्हें पुलिस बल में भर्ती किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- MLC चुनावों के लिए BJP ने निकाल लिया तोड़, इस दांव के आगे विरोधी हो जाएंगे फेल
निषाद ने उत्तर प्रदेश और केंद्र सरकार की नीतियों की सराहना करते हुए इसे विकास की दिशा में बड़ा कदम बताया।
उन्होंने कहा “ये असली पीडीए (पिछड़ा दलित आदिवासी) है” जो भाजपा के प्रयासों से समाज के सबसे कमजोर वर्ग के लिए खड़ा किया गया है।
निषाद पार्टी ने कांग्रेस, सपा और बसपा पर साधा निशाना
निषाद पार्टी के नेता ने अपनी पार्टी और भाजपा के बीच मजबूत गठबंधन की बात की और अन्य राजनीतिक दलों जैसे कांग्रेस, सपा और बसपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इन दलों को सत्ता से बाहर होना चाहिए। उनका मानना था कि भाजपा जैसी सक्षम और प्रगतिशील पार्टी को लखनऊ और दिल्ली में सत्ता में रहना चाहिए।
ये भी पढ़ें- अफजाल अंसारी के बदले सुर, संघ और भागवत की तारीफ कर यूपी की सियासत में मचाई सनसनी
ये कार्यक्रम राज्य में 29 समुदायों के लिए लाभकारी साबित हो सकता है जिनकी संख्या करीब 1.5 करोड़ तक हो सकती है। इन समुदायों में से 14 अनुसूचित जाति के अंतर्गत आते हैं वही 9 अन्य ओबीसी के श्रेणी में हैं। निषाद पार्टी के नेताओं का दावा है कि इनकी संख्या कहीं अधिक हो सकती है और इसमें 193 जनजातियाँ जातियाँ और उपजातियाँ शामिल हैं।
राज्य की 130-150 सीटों पर प्रभाव
राज्य में इन समुदायों का राजनीतिक प्रभाव भी नकारा नहीं जा सकता। राज्य की 403 विधानसभा सीटों में से लगभग 130-150 सीटों पर इनका प्रभाव है। उदाहरण के लिए ओबीसी श्रेणी में आने वाला बंजारा समुदाय आगरा, फर्रुखाबाद, मैनपुरी, मेरठ और कई अन्य जिलों में प्रभावी है। वहीं निषाद समुदाय के कई उपजातियाँ बस्ती सिद्धार्थनगर जैसे क्षेत्रों में केंद्रित हैं। ओबीसी मल्लाह समुदाय का प्रभाव भी अलीगढ़ बलिया और गोरखपुर जैसे जिलों में देखा जा सकता है।
अनुसूचित जाति श्रेणी के मुसहर समुदाय का प्रभाव बलिया, गाजीपुर और वाराणसी जैसे क्षेत्रों में है वही नट समुदाय इलाहाबाद बिजनौर और मुजफ्फरनगर में अपनी पहचान बनाए हुए है।



