यूपीएमएस में ई-फास्ट ट्रॉमा केयर पर कार्यशाला सम्पन्न
सेंफई में एक दिवसीय अकादमिक कार्यशाला हुई आयोजित

सैफई,इटावा। उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय सैफई के सर्जरी विभाग द्वारा ट्रॉमा लेक्चर थिएटर में “कोर्स ऑन ई-फास्ट: ए प्रोटोकॉल इन ट्रॉमा केयर” विषय पर एक दिवसीय अकादमिक कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य गंभीर रूप से घायल मरीजों के त्वरित परीक्षण,समय पर चिकित्सकीय निर्णय लेने तथा बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सकों के ज्ञान एवं व्यावहारिक कौशल को विकसित करना था।
कुलपति प्रो.डॉ.अजय सिंह के दूरदर्शी नेतृत्व, मार्गदर्शन,प्रोत्साहन एवं सहयोग से इस अकादमिक कार्यक्रम का सफल आयोजन संभव हुआ। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति प्रो. डॉ. आदेश कुमार तथा मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) प्रो.डॉ. एस.पी.सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यशाला में ई-फास्ट तकनीक के महत्व पर विस्तार से चर्चा की गई। यह एक महत्वपूर्ण बेडसाइड अल्ट्रासाउंड प्रोटोकॉल है,जिसका उपयोग ट्रॉमा की स्थिति में गंभीर रूप से घायल मरीजों का त्वरित आकलन करने के लिए किया जाता है। इस तकनीक के माध्यम से चिकित्सक मरीज की स्थिति का शीघ्र मूल्यांकन कर उपचार संबंधी आवश्यक निर्णय लेने में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम के अंतर्गत विशेषज्ञ व्याख्यान, अल्ट्रासाउंड तकनीक का प्रदर्शन तथा वास्तविक मरीजों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। प्रशिक्षण के दौरान दाएं ऊपरी उदर क्षेत्र (राइट अपर क्वाड्रेंट), बाएं ऊपरी उदर क्षेत्र (लेफ्ट अपर क्वाड्रेंट), पेल्विक क्षेत्र तथा हृदय संबंधी अल्ट्रासाउंड परीक्षण के महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अपने नैदानिक अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को ट्रॉमा प्रबंधन में ई-फास्ट तकनीक के प्रभावी उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया।
इस अकादमिक पहल के सफल संचालन में आयोजन सचिव डॉ.राम लखन सिंह वर्मा, आयोजन सह-सचिव डॉ. गौरव मिश्रा तथा कोर्स संयोजक डॉ.विवेक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अतिथि वक्ता स्क्वाड्रन लीडर डॉ. आशीष सिंह तोमर का भी विशेष सहयोग रहा। इसके अतिरिक्त सामान्य शल्य चिकित्सा विभाग के संकाय सदस्यों, रेजिडेंट चिकित्सकों एवं आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय योगदान दिया।
इस कार्यशाला के माध्यम से चिकित्सकों को ट्रॉमा केयर में आधुनिक अल्ट्रासाउंड तकनीक के व्यावहारिक उपयोग से परिचित होने का अवसर मिला। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों के त्वरित आकलन,समय पर उपचार तथा आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।



