दुर्घटना में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत
साजिश की बड़ी आशंका न्याय की लगाई गुहार

भरथना,इटावा। भरथना कोतवाली क्षेत्र में कार की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुई महिला की पांच दिन बाद इलाज के दौरान मौत हो जाने से मामला तूल पकड़ गया। आरोप है कि घटना के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही तहरीर ली, जिससे आक्रोशित परिजनों ने सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद एंबुलेंस में शव रखकर एसएसपी आवास पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और न्याय की गुहार लगाई।
भैसाई गांव निवासी 50 वर्षीय अनीता देवी पत्नी सत्यप्रकाश यादव एक दिसंबर की शाम करीब साढ़े सात बजे शहर के एक निजी अस्पताल में अपने पुत्र अंकुश की पत्नी के यहां जन्मे बेटे को देखकर ऑटो से घर लौट रही थीं। भैसाई गेट बिधूना रोड पर गांव के सामने ऑटो से उतरकर वह पैदल घर की ओर जा रही थीं, तभी एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी।
हादसे में अनीता देवी गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां हालत नाजुक होने पर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। परिजनों का आरोप है कि हादसा दुर्घटना नहीं बल्कि जानबूझकर किया गया हमला था। मृतका के पुत्र अंकुश का कहना है कि घटना से एक दिन पहले आरोपियों से कहासुनी हुई थी, उसी रंजिश में कार से टक्कर मारकर उनकी मां को घायल किया गया।
घायल अनीता देवी का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा था, जहां रविवार रात करीब दो बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। मृतका की मौत के बाद परिजनों का आक्रोश और बढ़ गया। उनका आरोप है कि उन्होंने तीन दिसंबर को भरथना थाने में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने न तो तहरीर ली और न ही कोई कार्रवाई की। परिजनों का यह भी कहना है कि आरोपी खुलेआम धमकी दे रहे थे कि उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा। पुलिस की निष्क्रियता से परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा था।
सोमवार को पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी होने के बाद परिजन शव को एंबुलेंस में रखकर सीधे एसएसपी आवास पहुंच गए। वहां उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और सख्त कार्रवाई की मांग की। शव के साथ प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया।
काफी देर तक चले हंगामे के बाद एसएसपी के पीआरओ ने परिजनों को आश्वासन दिया कि कार चालक सहित आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके बाद परिजन शव को अपने साथ लेकर वापस लौट गए।



