Winter Season: इस वजह से सर्दियों में बढ़ जाता है हार्ट अटैक का खतरा

Winter Season: सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा क्यों बढ़ता है, सुबह अचानक उठने से दिल पर क्या असर पड़ता है। ठंड में ब्लड प्रेशर और खून गाढ़ा होने की सच्चाई जानें। बचाव के आसान उपाय भी।

Winter Season: दिसंबर का महीना शुरू होते ही अस्पतालों में हार्ट अटैक के मरीजों की लाइन लगनी शुरू हो जाती है। डॉक्टर बताते हैं कि ठंड का मौसम अपने साथ एक खामोश कातिल लेकर आता है। नाम है सुबह की वो छोटी सी गलती जो आप रोज करते हैं।

ज्यादातर लोग अलार्म बजते ही झटके से बिस्तर छोड़ देते हैं। बस यही झटका जान ले लेता है।

रात में जब हम सो रहे होते हैं तो हमारा दिल बहुत आराम से धड़कता है। धड़कन धीमी हो जाती है। पूरा शरीर रिलैक्स मोड में चला जाता है। अब अगर आप अचानक उठ बैठते हैं तो दिमाग तक खून पहुंचने में 8-10 सेकंड लग जाते हैं। इन कुछ सेकंड में ब्रेन को ऑक्सीजन नहीं मिलती। व्यक्ति चक्कर खाकर गिर पड़ता है। कई बार तो सीधे दिल का दौरा पड़ जाता है।

कार्डियोलॉजिस्ट का मानना है कि सर्दियों में तो हालात और खराब हो जाते हैं। ठंड लगते ही शरीर की नसें सिकुड़ने लगती हैं। खून गाढ़ा हो जाता है। ब्लड प्रेशर अपने आप बढ़ जाता है। ऐसे में दिल पहले से ही ज्यादा मेहनत कर रहा होता है। ऊपर से सुबह झटके से उठो तो दिल पर भार पड़ता है जो वह झेल नहीं पाता।

एक रिसर्च के मुताबिक दिसंबर-जनवरी में हार्ट अटैक के केस गर्मियों के मुकाबले 35% तक ज्यादा आते हैं। सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को होता है जो 40 साल से ऊपर हैं, पहले से ब्लड प्रेशर की दवा खाते हैं, रात को देर से सोते हैं और सुबह बिना गर्म कपड़े पहने बाहर निकलते हैं।

ऐसे करें बचाव

सुबह अलार्म बजे तो 2 मिनट बिस्तर पर ही लेटे रहें। धीरे-धीरे आंखें खोलें। फिर बायीं करवट बदलें। इसके बाद धीरे से उठकर बैठें। 30 सेकंड बैठे रहें। फिर पैर नीचे रखें। इस तरह दिल को वक्त मिल जाता है। खून आराम से दिमाग तक पहुंचता है।

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साथ ही ठंड में गुनगुना पानी जरूर पिएं। सुबह खाली पेट एक ग्लास गुनगुना पानी खून को पतला रखता है। गरम कपड़े पहनकर रखें। तेज चलना बंद करें। सीढ़ियां धीरे चढ़ें।

ये छोटी-छोटी आदतें बदल लो तो सर्दी का मौसम भी मजेदार लगने लगेगा। वरना एक सुबह उठोगे ही नहीं ये किसी डॉक्टर की धमकी नहीं बल्कि हकीकत है।

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