Vastu Tips: सावधान! बच्चों के स्कूल बैग में भूलकर भी न रखें ये 5 चीजें, रुक जाएगी तरक्की

Vastu tips for students: आजकल के माता-पिता बच्चों की पढ़ाई-लिखाई को लेकर काफी फिक्रमंद रहते हैं। वे उन्हें बेहतरीन से बेहतरीन कोचिंग, स्कूल और किताबें दिलाते हैं। मगर क्या आप जानते हैं कि कई बार पूरी मेहनत के बाद भी बच्चों का मन पढ़ाई में नहीं लगता और वे चिड़चिड़े होने लगते हैं? वास्तु शास्त्र की मानें, तो इसका एक बड़ा कारण बच्चों के स्कूल बैग में छिपा हो सकता है।
वास्तु विज्ञान के अनुसार, स्कूल बैग में रखी कुछ अनचाही चीजें बच्चों के मानसिक विकास और सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) को बुरी तरह प्रभावित करती हैं। आइए जानते हैं कि रिपोर्टर की इस खास डायरी से कि आपको बच्चों के बस्ते से तुरंत कौन सी चीजें बाहर निकाल देनी चाहिए।
टूटे हुए पेन और पेंसिल बनते हैं मानसिक उलझन का कारण
अक्सर देखा जाता है कि बच्चे छोटी हो चुकी या टूटी हुई पेंसिल और बिना ढक्कन वाले खराब पेन बैग में ही छोड़ देते हैं। वास्तु नियमों के अनुसार, टूटा हुआ सामान राहु-केतु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है। इससे बच्चों का दिमाग पढ़ाई करते समय भटकने लगता है और वे किसी भी विषय पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पाते। इसलिए आज ही अपने बच्चे का ज्योमेट्री बॉक्स चेक करें और खराब पेन-पेंसिल हटा दें।
फटी हुई कॉपियां और रद्दी कागज रोकते हैं बुद्धि का विकास
बच्चे अक्सर पिछले साल के पुराने नोट्स, फटी हुई कॉपियां या रफ कागज के टुकड़े बैग में जमा करके रखते हैं। वास्तु शास्त्र कहता है कि फटी-पुरानी चीजें और कबाड़ नकारात्मक ऊर्जा (Negativity) को न्योता देते हैं। इससे बच्चों के विचार उलझने लगते हैं और माता-पिता के लाख समझाने पर भी वे पढ़ाई से जी चुराने लगते हैं। बैग को हमेशा साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखना बेहद जरूरी है।
बैग में खुली रखी नुकीली चीजें बढ़ाती हैं आक्रामकता
सुरक्षा के लिहाज से भी और वास्तु के हिसाब से भी, बच्चों के बैग में कभी भी कैंची, कटर या कंपास (डिवाइडर) जैसी नुकीली चीजें खुली नहीं रखनी चाहिए। खुली हुई नुकीली चीजें हिंसक या आक्रामक ऊर्जा पैदा करती हैं, जिससे बच्चों का स्वभाव चिड़चिड़ा और जिद्दी हो सकता है। इन चीजों को हमेशा एक सुरक्षित पाउच या कंपार्टमेंट के अंदर ही बंद करके रखें।
कचरा और खाली रैपर्स बिगाड़ते हैं सकारात्मक माहौल
स्कूल में लंच के बाद या रास्ते में चॉकलेट, टॉफी और चिप्स खाकर बच्चे अक्सर उनके खाली रैपर्स बैग की जेबों में ठूंस लेते हैं। लंबे समय तक बैग में पड़ा रहने वाला यह कचरा राहु के दोष को बढ़ाता है। यह गंदगी न केवल बैक्टीरिया फैलाती है, बल्कि पढ़ाई के लिए जरूरी पॉजिटिव वाइब्स को भी पूरी तरह खत्म कर देती है। हफ्ते में कम से कम एक बार बच्चे के साथ मिलकर बैग की सफाई जरूर करें।
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डरावने कार्टून और डार्क स्टिकर्स से बचें
आजकल बाजार में डरावने, अजीब आकृतियों वाले या डार्क थीम वाले स्कूल बैग और पेंसिल बॉक्स काफी ट्रेंड में हैं। मगर वास्तु के अनुसार, डरावने चेहरे या नेगेटिव चित्र वाले स्टिकर्स बच्चों के अवचेतन मन में डर और तनाव पैदा करते हैं। बच्चों के लिए हमेशा चमकीले, प्यारे और सकारात्मक डिजाइन वाले बैग और स्टेशनरी का ही चुनाव करें।



