थकान के बाद भी नहीं आती नींद; सोने से पहले नहीं, सुबह नाश्ते में हो रही है ये भयानक गलती

how to get deep sleep naturally: दिनभर की भागदौड़ और भीषण थकान के बावजूद अगर रात को बिस्तर पर जाते ही आपकी आंखें खुली रह जाती हैं या बार-बार नींद टूटती है, तो इसका सीधा संबंध किसी तनाव से नहीं बल्कि आपकी थाली और दिनभर के खानपान से जुड़ा है। न्यूट्रिशनिस्ट अनुष्का पाटकर के अनुसार, अनिद्रा और खराब स्लीप साइकल की सबसे बड़ी वजह आपका बिगड़ा हुआ मील रूटीन होता है।

शरीर के भीतर स्लीप हार्मोन मेलाटोनिन का निर्माण सेरोटोनिन से होता है, जिसे शरीर ट्रिप्टोफैन नाम के तत्व से तैयार करता है। दिलचस्प बात यह है कि शरीर को ट्रिप्टोफैन सुबह के पौष्टिक नाश्ते और सूरज की रोशनी से हासिल होता है, जो रात में मेलाटोनिन रिलीज करने का आधार बनता है। ऐसे में सुबह के नाश्ते में अंडे या योगर्ट के साथ मौसमी फल और सीमित मात्रा में कार्ब्स शामिल करना रात के किसी भी महंगे स्लीप सप्लीमेंट या नाइट रूटीन से कहीं ज्यादा असरदार साबित होता है।

क्यों अचानक गिर जाता है बीपी

गहरी और सुकून भरी नींद के लिए शाम ढलते ही स्ट्रेस हार्मोन यानी कॉर्टिसोल के स्तर का गिरना बेहद जरूरी है। जब आप दिन में टाइम पर भोजन नहीं करते तो ब्लड शुगर अचानक गिर जाता है, जिससे शरीर तनाव की स्थिति में आकर कॉर्टिसोल का स्तर बढ़ा देता है। इसके अलावा दोपहर में अत्यधिक चाय-कॉफी पीना और लंच में भारी रिफाइंड कार्ब्स खाना ब्लड शुगर को क्रैश कर देता है, जिसके चलते थकान होने के बावजूद कॉर्टिसोल का ऊंचा स्तर दिमाग को शांत नहीं होने देता और रात की नींद उड़ जाती है।

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इसके साथ ही सुबह की ताजी धूप लेना भी उतना ही जरूरी है, क्योंकि यह शरीर के बायोलॉजिकल क्लॉक यानी सर्कैडियन रिदम को रीसेट करती है, जिससे शाम होते ही मेलाटोनिन तेजी से बढ़ता है। अगली बार अगर रात में नींद न आने की समस्या सताए, तो सोने से पहले उपाय तलाशने के बजाय सुबह के ब्रेकफास्ट, लंच के संतुलित कार्ब्स और धूप लेने की आदत में सुधार करें ताकि कॉर्टिसोल घटे और चैन की नींद आ सके।

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