हाईवे पर खत्म हुआ टोल प्लाजा का झंझट! बिना रुके 100 की स्पीड में कटेगा टैक्स, सरकार का ऐतिहासिक ऐलान!

Toll Plaza Free Highway: देश भर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करने वाले करोड़ों वाहन चालकों को जल्द ही टोल बूथों की लंबी कतारों और जाम के झंझट से हमेशा के लिए निजात मिलने जा रही है। नेशनल हाईवे पर पारंपरिक कंक्रीट टोल प्लाजा बनाने की पुरानी व्यवस्था अब पूरी तरह समाप्त होने जा रही है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने 30 अक्टूबर को एक महत्वपूर्ण परिपत्र जारी करते हुए निर्देश दिया है कि देश के वर्तमान में निर्माणाधीन और भविष्य में बनने वाले 55,000 किलोमीटर से अधिक लंबे राजमार्ग नेटवर्क पर अब टोल प्लाजा के स्थान पर आधुनिक ओवरहेड गेंट्री पोल्स और अत्याधुनिक सेंसर्स लगाए जाएंगे।
इस नई और आधुनिक व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि वाहन चालकों को टोल चुकाने के लिए अपनी रफ्तार धीमी करने या रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। वाहन सामान्य हाईवे स्पीड पर इन गेंट्री पोल्स के नीचे से गुजरेंगे और वहां लगे हाई-स्पीड ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) कैमरे व आधुनिक फास्टैग स्कैनर्स पलक झपकते ही गाड़ी की पहचान कर लिंक बैंक खाते से टोल टैक्स की राशि काट लेंगे। मंत्रालय के अनुसार, इस क्रांतिकारी योजना के दायरे में देश भर के 35 हजार किलोमीटर निर्माणाधीन और बीस हजार किलोमीटर से अधिक प्रस्तावित राजमार्गों को शामिल किया गया है।
उत्तर भारत और उत्तर प्रदेश के प्रमुख कॉरिडोर इस तकनीकी बदलाव का पहला बड़ा हब बनने जा रहे हैं। दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत व शामली और उत्तराखंड को आपस में जोड़ने वाले निर्माणाधीन दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर पूरी तरह से गेंट्री विन्यास तैयार किया जा रहा है। इसके साथ ही यूपी के चार नए लिंक एक्सप्रेसवे- जिसमें आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाला लिंक, जेवर एयरपोर्ट लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक और फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे शामिल हैं, पूरी तरह से बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा मुक्त कॉरिडोर के रूप में बनाए जाएंगे।
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नई व्यवस्था ‘जितना सफर, उतना भुगतान’ (पे ऐज यू यूज) के निष्पक्ष सिद्धांत पर काम करेगी। इसमें वाहन चालकों को पूरे टोल प्लाजा का एकमुश्त भारी शुल्क देने के बजाय उतनी ही वास्तविक दूरी का टैक्स देना होगा जितनी दूरी उन्होंने हाईवे पर तय की है। केंद्र सरकार ने इस कड़ी में पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्गों पर ग्लोबल नेविगेशन सैटेलाइट सिस्टम (GNSS) यानी सैटेलाइट आधारित सटीक टोलिंग व्यवस्था को चरणबद्ध तरीके से लागू करने का लक्ष्य 2028-2029 तक निर्धारित किया है।



