तालिबान ने पाकिस्तान की सेना को घेरा, 75 सालों में कश्मीर क्यों नहीं लिया

पाकिस्तान के सैन्य अधिकारियों पर अफ़ग़ान तालिबान का आरोप, अरबों डॉलर का संपत्ति घोटाला!

पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच शांति का माहौल दिखने के बावजूद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव कम नहीं हो रहा है। अफ़ग़ान तालिबान सरकार के सूचना मंत्री के सलाहकार क़ारी सईद खोस्ती ने पाकिस्तान की सेना पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके बयानों में पाकिस्तान के सैन्य शासन पर सवाल उठाए गए हैं और इस पर विवाद थमता नहीं दिख रहा है।

तालिबान ने पाकिस्तानी सेना पर साधा निशाना

खोस्ती ने पाकिस्तानी सेना को लेकर तीखी आलोचना की। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान में असली सरकार नहीं, बल्कि सैन्य शासन है। अगर पाकिस्तान की सेना इतनी ताकतवर है, तो 75 सालों में कश्मीर का एक हिस्सा भी क्यों नहीं ले पाई?” उनका यह बयान पाकिस्तान में गुस्से और बहस का कारण बन गया है।

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उन्होंने आगे कहा, “पाकिस्तानी सेना अपने झूठे प्रचार के जरिए यह दावा करती है कि उसने अमेरिका और रूस को हराया, मगर सच यही है कि अफ़ग़ानिस्तान में संघर्ष में असली जीत अफ़ग़ान लोगों की थी।” यह बयान उस समय सामने आया है जब पाकिस्तान और तालिबान के बीच हाल ही में सीमावर्ती इलाकों में लड़ाई चल रही थी और फिर 19 अक्टूबर को दोनों पक्ष युद्धविराम पर सहमत हुए थे।

पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी पर भी निशाना

खोस्ती ने अपने एक इंटरव्यू में पूर्व पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी आदिल राजा के साथ भी पाकिस्तान की सैन्य शक्ति पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना यह दावा करती है कि उसने रूस और अमेरिका को हराया, मगर असल में तो पाकिस्तानी अधिकारियों ने अपने लिए अरबों डॉलर की संपत्ति जमा की और बंगलों के अलावा ज़मीनें खरीदीं।

आगे खोस्ती ने ये भी कहा कि अफ़ग़ानिस्तान में अमेरिकी और सोवियत संघ से संघर्ष के दौरान पाकिस्तान का केवल एक उद्देश्य था- अपनी सैन्य शक्ति को बढ़ाना और अमीर होना।

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