जानें कौन हैं स्वतंत्र भारद्वाज जिनकी गिरफ्तारी पर अड़ी CJP

Swatantra Bhardwaj Row: राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर सक्रिय आंदोलनकारियों और कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ अपना विरोध तेज कर दिया है।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज द्वारा एक इंटरव्यू के दौरान किए गए दावों और बयानों के बाद सीजेपी नेताओं ने उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग उठाई है। सीजेपी के सह-संयोजक सौरभ दास और आशुतोष रांका ने संसद मार्ग थाने पहुंचकर स्वतंत्र भारद्वाज की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज करने की मांग को लेकर पुलिस पर दबाव बढ़ाया है।

कौन है स्वतंत्र भारद्वाज और क्यों उठा विवाद?

मूल रूप से बिहार के दरभंगा के रहने वाले स्वतंत्र भारद्वाज पिछले कुछ वर्षों से दिल्ली में रह रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पटना विश्वविद्यालय से पढ़ाई के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र रहे हैं। खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और गौरक्षक बताने वाले भारद्वाज इन दिनों आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग भी उठा रहे हैं। भारद्वाज का दावा है कि छात्र राजनीति के दौरान उन्होंने विरोध प्रदर्शनों में भाग लेना शुरू किया था और बाद में विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पहचान बनाई।

मारपीट के कबूलनामे और एफआईआर की मांग पर अड़ी सीजेपी

सीजेपी के नेताओं का आरोप है कि भारद्वाज ने हाल ही में एक यूट्यूब इंटरव्यू के दौरान इन्फ्लुएंसर नीशू आजाद के पिता संजय के साथ मारपीट करने की बात सार्वजनिक रूप से स्वीकार की है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई। संगठन ने मांग की है कि मामले में हत्या के प्रयास समेत सख्त धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया जाए।

दिल्ली पुलिस का पक्ष: मेडिकल जांच में चोट सामान्य

इस पूरे विवाद पर दिल्ली पुलिस की ओर से भी स्पष्टीकरण सामने आया है। पुलिस ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि पीड़ित के सिर की हड्डी में फ्रैक्चर या गंभीर दरार की बात सही नहीं है। पुलिस के अनुसार, कड़े से सिर पर चोट लगने का मामला था, जिसे मेडिकल जांच के दौरान सामान्य श्रेणी का पाया गया है। पुलिस प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और कानूनी नियमों के तहत मामले की जांच की बात कह रहा है।

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विवादित बयानों और सांप्रदायिक टिप्पणियों पर गहराया आक्रोश

सीजेपी नेताओं के अनुसार, संबंधित इंटरव्यू में स्वतंत्र भारद्वाज ने न केवल मारपीट की घटना का जिक्र किया, बल्कि एक विशेष समुदाय को लेकर अत्यंत आपत्तिजनक और विभाजनकारी भाषा का भी प्रयोग किया। इंटरव्यू में भारद्वाज ने स्वीकार किया कि वह अतीत में सरकार की नीतियों के समर्थक रहे हैं, लेकिन आरक्षण और यूजीसी के मुद्दे पर असहमत हैं। साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यकों को लेकर कई नफरती और आपत्तिजनक बातें कहीं, जिसे लेकर सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं ने कड़ा एतराज जताया है और दिल्ली पुलिस से नफरती भाषण (Hate Speech) पर त्वरित संज्ञान लेने की अपील की है।

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