NDA का ऑफर ठुकराने के बाद अब अखिलेश से मिले सीजेपी नेता, यूपी चुनाव से पहले बड़ा सियासी खेल?

Samajwadi Party youth outreach: उत्तर प्रदेश की चुनावी राजनीति में इस बार पारंपरिक समीकरणों के साथ ही छात्र-युवा वर्ग की आवाज भी एक बड़ा मुद्दा बनती दिख रही है। आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दल युवाओं और नई पीढ़ी के मतदाताओं को अपने साथ जोड़ने के रास्ते तलाश रहे हैं।

इसी क्रम में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और जंतर-मंतर पर सक्रिय रहे छात्र आंदोलन के प्रमुख चेहरे आशुतोष रांका के बीच हालिया संवाद ने विश्लेषकों का ध्यान खींचा है। दोनों पक्षों की इस मुलाकात के बाद यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी आंदोलनकारी युवाओं को चुनावी मंच देने की तैयारी कर रही है।

चुनाव में भागीदारी पर रत्ना सिंह का रुख

एक डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म को दिए साक्षात्कार में आंदोलन से जुड़ी प्रमुख चेहरा रत्ना सिंह और सह-संयोजक सौरभ दास से जब चुनावी संभावनाओं पर राय मांगी गई तो उन्होंने इसे पूरी तरह खुला छोड़ दिया। उनसे पूछा गया था कि यदि विपक्ष के बड़े नेता समर्थन दें या लखनऊ से चुनाव लड़ने का विकल्प सामने आए तो उनका क्या फैसला होगा। इस पर रत्ना सिंह ने साफ कहा कि वह दूर की योजनाएं बनाने के बजाय वर्तमान हालात के अनुसार फैसले लेती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में चुनावी मैदान में उतरना है या अपने सामाजिक अभियान को आगे बढ़ाना है इस पर उन्होंने अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है।

जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट में बातचीत का दौर

गुरुवार की शाम सपा के केंद्रीय कार्यालय के पास स्थित जनेश्वर मिश्र ट्रस्ट परिसर में अखिलेश यादव और आशुतोष रांका की मुलाकात हुई। लगभग डेढ़ घंटे चली इस बातचीत में दोनों के बीच विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक समाप्त होने के बाद दोनों ओर से कोई औपचारिक संयुक्त बयान जारी नहीं किया गया जिससे सियासी हलकों में कयासों का दौर और तेज हो गया।

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सपा का स्पष्टीकरण: संवाद का आधार केवल समर्थन के प्रति कृतज्ञता

बढ़ती राजनीतिक चर्चाओं के बीच समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने इस बैठक को सामान्य शिष्टाचार भेंट करार दिया। उन्होंने कहा कि दिल्ली में छात्र मुद्दों को लेकर चले धरने को सपा ने संसद और सड़क दोनों जगह समर्थन दिया था। ऐसे में यह मुलाकात केवल उस समर्थन के प्रति आभार व्यक्त करने तक सीमित थी। प्रवक्ता ने दोहराया कि पार्टी का मकसद युवाओं के बुनियादी मुद्दों को उठाना रहा है और वह किसी संगठन के आंतरिक फैसलों में दखल नहीं देती।

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