गौरैया सिर्फ पक्षी नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा

सुलतानपुर| सामाजिक वानिकी वन प्रभाग सुल्तानपुर द्वारा विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर गोसाईं बाबा बालिका इंटर कॉलेज गोपालपुर भदैंया में आयोजन किया गया। पूर्व में हुई चित्र कला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान वर्षा, द्वितीय पलक पाण्डेय और तृतीय स्थान पर अन्याय तिवारी रही। सभी को शील्ड और मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्यातिथि कृष्ण प्रकाश दर्जी पर्यावरण निदेशालय रहे।

उन्होंने बताया कि वन विभाग उत्तर प्रदेश थीम पर छोटे पक्षियों को बचाना अपने भविष्य को बचाना है। गौरैया केवल एक पक्षी नहीं, बल्कि हमारे पर्यावरण का अभिन्न हिस्सा है। इस मौके पर अतुल कुमार सिंह उप क्षेत्रीय वनाधिकारी ने बताया कि भारत में गौरैया सिर्फ पक्षी नहीं, बल्कि संस्कृति का हिस्सा हैं।

हिंदी में ‘गोरैया’, तमिल में ‘कुरुवी’, और उर्दू में ‘चिर्या’ कहलाती हैं। पीढ़ियों से ये घरों में खुशियां बिखेरती आई हैं, लेकिन गौरैया की संख्या चिंताजनक तरीके से घट रही है। हम सभी को संकल्प लेना होगा पक्षियों के लिए जलपत्र और घोंसले का प्रबंध करना चाहिए। कटका क्लब के अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र के द्वारा गौरैया आओ मेरे देश अभियान और पर्यावरण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने के लिए वन विभाग सुल्तानपुर के द्वारा सम्मानित किया गया है।

इस मौके पर दर्जनों घोंसले का वितरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य अनुराग पांडेय, कृष्णावती पांडेय, ममता सिंह, निशा चौरसिया, ज्ञान सिंह वन रक्षक, बृजेंद्र मिश्र सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।

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