आध्यात्मिक मंच पर गूंजा ‘बचना ऐ हसीनों’
प्रवचन के बाद पाश्चात्य धुनों पर थिरके राजर्षि मोदी

मंडल मुरादाबाद प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा
रामपुर। मोदीपुर के मोदी ग्लोबल हॉल में रविवार को हुए भव्य सम्मेलन में राजर्षि भूपेंद्र मोदी ने भारत को विश्वगुरु बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि भारत केवल एक देश नहीं, बल्कि एक चेतना है जो पूरी मानवता को जोड़ने की शक्ति रखता है।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन और बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से हुई। गणेश वंदना, शिव तांडव, देवी दुर्गा नृत्य जैसी झांकियों ने पूरे सभागार को भक्ति से भर दिया।
परंतु समापन के समय दृश्य बदला नज़र आया — जब राजर्षि मोदी स्वयं ‘बचना ऐ हसीनों’ गीत की धुन पर महिलाओं के साथ थिरकते नजर आए।
आध्यात्मिक प्रवचन के बाद पाश्चात्य संगीत का यह संगम दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
कई लोगों ने इसे भारतीय परंपरा और आधुनिकता का मिलन बताया, जबकि कुछ ने इसे विरोधाभास भरा दृश्य कहा। रामपुर के इंतजाम देखने वाले आदित्य वर्मा ने ब्राह्मणों को नहीं बुलाया ना ब्राह्मण सभा से संपर्क किया सिर्फ 35 ब्राह्मण ऋषि कैसे बुलाए गए रामपुर के ब्राह्मणों से संपर्क ना किया और नहीं निमंत्रण भेजा और लोगों को बुलाकर भीरभार भेड़ अखती कर ली गई। रामपुर के ब्राह्मणों ने मोदी पुर में हुए कार्यक्रम बहिष्कार करा।



