हरा चारा की कमी गौशाला में गौवंश बेहाल
बजट का हवाला देकर जिम्मेदारों ने जताई मजबूरी

जसवंतनगर,इटावा। जसवंतनगर की डूडा कॉलोनी के समीप स्थित गौशाला में गोवंशों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। यहां करीब 93 गोवंश रखे गए हैं,लेकिन उन्हें पर्याप्त मात्रा में हरा चारा नहीं मिल पा रहा है,जिससे उनकी सेहत पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार गौशाला में गोवंशों को मुख्य रूप से सूखा भूसा ही दिया जा रहा है,जबकि हरे चारे की कोई व्यवस्था नहीं है। गौशाला में कार्यरत सफाई कर्मचारी दिलीप कुमार ने बताया कि सुबह करीब 2 कुंतल और शाम को लगभग 1 कुंतल 60 किलो भूसा डाला जाता है। इस हिसाब से प्रति गोवंश को लगभग 4 किलो भूसा जो औसतन काफी कम मात्रा में चारा मिल रहा है, जबकि एक गोवंश को प्रतिदिन करीब 10 किलो चारे की आवश्यकता होती है।
चारे की कमी के चलते कई गोवंश खुले में धूप में खड़े रहने को मजबूर हैं। बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होने के कारण अधिकांश गोवंश एक ही पेड़ के नीचे छाया में शरण लेते नजर आते हैं। इससे उनकी देखभाल और स्वास्थ्य को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस संबंध में अधिशासी अधिकारी श्याम वचन सरोज का कहना है कि शासन द्वारा निर्धारित 50 रूपए प्रति गोवंश प्रतिदिन के बजट के अनुसार ही चारा-पानी की व्यवस्था कराई जा रही है। उन्होंने बताया कि बाजार में भूसे की कीमत करीब 900 रूपए प्रति कुंतल है, जिससे उपलब्ध बजट में बेहतर व्यवस्था करना चुनौती पूर्ण हो रहा है।
स्थानीय लोगों ने गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार और पर्याप्त चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग की है,ताकि गोवंशों को बेहतर देखभाल मिल सके।



