लोग रील्स और शॉर्ट वीडियो के आदी क्यों हो रहे हैं; अभी सावधान हो जाएं, वरना नतीजे भुगतने होंगे

Short video addiction study: आजकल सोशल मीडिया पर रील्स और शॉर्ट वीडियो बहुत लोकप्रिय हो गए हैं। इसका मुख्य कारण कम समय में कई तरह के मनोरंजक कंटेंट का मिलना है। इसी आकर्षण के कारण, लोग अक्सर घंटों तक अपनी स्क्रीन स्क्रॉल करते रहते हैं और एक वीडियो से दूसरे वीडियो पर जाते रहते हैं।

लगातार स्क्रॉल करने और लंबे समय तक वीडियो देखने की यह आदत चिंता का विषय बनती जा रही है। कुछ लोगों के लिए, शॉर्ट वीडियो देखने की लत इतनी बढ़ जाती है कि उसे नियंत्रित करना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में, शॉर्ट वीडियो की इस लत से जुड़े पैटर्न को समझना बहुत ज़रूरी है।

चीन के दो मशहूर संस्थानों त्सिंघुआ यूनिवर्सिटी और नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ डिफेंस टेक्नोलॉजी के शोधकर्ताओं ने शॉर्ट वीडियो की लत पर एक खास अध्ययन किया। “कांट स्टॉप स्क्रॉलिंग” (Can’t Stop Scrolling) नाम का यह अध्ययन 2025 में प्रकाशित हुआ था। इसमें शॉर्ट वीडियो प्लेटफ़ॉर्म के सर्वे, इंटरव्यू और यूज़र डेटा का इस्तेमाल किया गया। आइए इस अध्ययन के नतीजों को जानें, यह पता लगाएं कि सबसे ज़्यादा जोखिम किसे है, और इस आदत को कैसे नियंत्रित किया जाए, यह सीखें।

शोध में क्या पता चला?

इस अध्ययन में 10,111 यूज़र्स के डेटा का गहराई से विश्लेषण किया गया, जिन्हें शॉर्ट वीडियो की लत वाले लोगों की श्रेणी में रखा गया था। इसका मकसद उनके वीडियो देखने के पैटर्न और ऑनलाइन आदतों को समझना था। शॉर्ट वीडियो देखने में बहुत ज़्यादा समय बिताना और लगातार उन्हें देखते रहना (बिंज-वॉचिंग) लत के मुख्य संकेत पाए गए। खास बात यह है कि देर रात तक वीडियो देखने की आदत का इस लत से सीधा संबंध पाया गया। शोध में यह भी पता चला कि जिन लोगों में लत के ज़्यादा लक्षण दिख रहे थे, वे अक्सर खास तरह के वीडियो बार-बार देखते थे।

किस उम्र के लोगों को सबसे ज़्यादा जोखिम है?

अध्ययन में अलग-अलग उम्र के लोगों पर इस आदत के असर की जांच की गई। 13–24 साल का उम्र समूह: इस उम्र के यूज़र्स में शॉर्ट वीडियो की लत के मामले सबसे ज़्यादा देखे गए।

18–24 साल का उम्र समूह: यह लत युवा पीढ़ी में सबसे ज़्यादा पाई गई।

इससे युवा यूज़र्स में इस आदत पर समय रहते ध्यान देने की ज़रूरत का पता चलता है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ़ युवा ही इससे प्रभावित होते हैं; किसी भी उम्र में लंबे समय तक लगातार शॉर्ट वीडियो देखना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है।

इस आदत को कैसे नियंत्रित किया जा सकता है? अगर रील्स या शॉर्ट वीडियो देखते समय आपको समय का पता नहीं चलता, तो इस आदत को कंट्रोल करने के कुछ आसान तरीके यहाँ दिए गए हैं-

समय की सीमा तय करें: हर दिन रील्स देखने में आप कितना समय बिताना चाहते हैं, इसकी योजना बनाएं और ऐप का इस्तेमाल उतने ही समय तक करें।

रात में स्क्रॉलिंग से बचें: सोने से पहले देर रात तक मोबाइल स्क्रीन देखने या स्क्रॉल करने से पूरी तरह बचें।

‘स्क्रीन टाइम’ फ़ीचर्स का इस्तेमाल करें: अपने फ़ोन में मौजूद ‘स्क्रीन टाइम’ या ‘ऐप लिमिट’ जैसे फ़ीचर्स का इस्तेमाल करें।

दूसरी चीज़ों में दिलचस्पी लें: अपने खाली समय में असल ज़िंदगी की गतिविधियों पर ध्यान दें, जैसे टहलने जाना, किताबें पढ़ना या परिवार और दोस्तों के साथ समय बिताना।

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विशेषज्ञ की सलाह लें: अगर वीडियो देखने से आपके रोज़मर्रा के कामों, पढ़ाई या नींद पर बुरा असर पड़ रहा है, तो किसी मेंटल हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर होगा।

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