रमियाबेहड़ के अधिकारी और ग्राम प्रधान की चुप्पी, तेजनपुरवा में पाँच वर्षों से नहीं बन सकी सड़क

परवेज आलम
लखीमपुर खीरी. जनपद के रमियाबेहड़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत टेकीकुण्डा के मजरा तेजनपुरवा में ग्रामीणों को पिछले पाँच वर्षों से आवागमन के लिए पक्की सड़क नसीब नहीं हो पाई है। गांव में सड़क न होने के कारण कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे ग्रामीणों को रोज़मर्रा की आवाजाही में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर ग्राम प्रधान और रमियाबेहड़ के अधिकारी पूरी तरह मौन हैं। कई बार शिकायत करने के बावजूद भी अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
ग्रामीणों का कहना है कि जब वे ग्राम प्रधान से सड़क निर्माण की मांग करते हैं तो उन्हें यह कहकर टाल दिया जाता है कि “जब सड़क पास होगी, तभी बनेगी, तब तक कीचड़ से ही निकलना पड़ेगा।”एक ओर जहां योगी सरकार सड़क सुरक्षा और ग्रामीण विकास को लेकर लगातार प्रयासरत है, वहीं दूसरी ओर रमियाबेहड़ क्षेत्र के अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस गांव की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। आरोप यह भी है कि चुनाव के समय ग्राम प्रधान ने विकास के वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद गांव की समस्याओं से मुंह मोड़ लिया।
ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में रमियाबेहड़ के सेक्रेट्री अनूप कुमार को भी जानकारी दी गई थी, लेकिन उसके बावजूद पाँच वर्षों में सड़क का निर्माण नहीं हो सका। अब गांववाले यह देखने को मजबूर हैं कि खंड विकास अधिकारी रमियाबेहड़ इस समस्या को गंभीरता से लेते हैं या नहीं। तेजनपुरवा के ग्रामीण आज भी एक अदद पक्के रास्ते के लिए तरस रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और ग्राम प्रधान से शीघ्र सड़क निर्माण कराने की मांग की है, ताकि उन्हें कीचड़ और गंदगी से राहत मिल सके।



