अवैध कब्जे की शिकायतों का 15 दिन में करें निस्तारण: डीएम

जनसुनवाई में दुकान की रजिस्ट्री का मामला सुलझा, राजनगर रामलीला में खानपान और झूलों के दाम घटे

गाजियाबाद। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट स्थित कार्यालय में जनसुनवाई कर नागरिकों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट कहा कि अवैध कब्जे से जुड़े मामलों को प्राथमिकता देते हुए अधिकतम 15 दिनों में नियमानुसार निस्तारित किया जाए। जनसमस्याओं के समाधान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जनसुनवाई में भूमि और संपत्ति पर अवैध कब्जे, राजस्व विवाद, भूमि धोखाधड़ी, अतिक्रमण, पेंशन, राशन कार्ड और आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न मामलों की शिकायतें आईं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के साथ उन्हें योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।

दुकान की रजिस्ट्री का मामला सुलझा

जनसुनवाई में दुकान की रजिस्ट्री से जुड़ा मामला भी सामने आया। शिकायतकर्ता अनिल ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2017 में गाजियाबाद में दुकान बुक की थी और 2021 तक पूरी रकम चुका दी थी, लेकिन दुकान की आधी रजिस्ट्री ही हो सकी थी। डीएम ने संबंधित विक्रेता को बुलाकर मामले की जानकारी ली। विक्रेता ने बताया कि कंपाउंडिंग की प्रक्रिया लंबित होने के कारण शेष रजिस्ट्री नहीं हो सकी थी, लेकिन अब प्रक्रिया पूरी हो गई है। उसने अनिल को किसी भी कार्यदिवस में आकर शेष रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया।

अवैध कब्जों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश

लोनी और सदर तहसील से भूमि व मकान पर अवैध कब्जे तथा बेटे द्वारा पिता को संपत्ति से बेदखल किए जाने जैसी शिकायतें भी सामने आईं। डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों को उनका अधिकार दिलाया जाए और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजों पर नहीं, बल्कि प्रभावी ढंग से होना चाहिए।

रामलीला में कम हुई खानपान और झूलों की दरें

डीएम के आग्रह पर राजनगर रामलीला समिति ने खानपान सामग्री और झूलों की दरें कम कर सामान्य दरों के अनुरूप नई रेट लिस्ट तैयार की है। आयोजकों ने आश्वासन दिया कि रामलीला के दौरान किसी भी वस्तु या सुविधा के लिए निर्धारित दरों से अधिक वसूली नहीं की जाएगी।

जनसुनवाई के दौरान अपर जिलाधिकारी (भू-अर्जन), अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (नगर), नगर मजिस्ट्रेट, जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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