जेल से छूटकर फिर बना चोर, मऊ पुलिस ने पकड़ा पुराना अपराधी और उसके साथी
6 मोटरसाइकिलें, 2 ई-रिक्शा, 2 दर्जनभर बैटरियां व अवैध असलहा बरामद

मऊ। पुलिस ने एक बड़े अंतरजनपदीय वाहन चोर गिरोह का खुलासा करते हुए चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से छह चोरी की मोटरसाइकिलें, दो ई-रिक्शा, 12 चोरी की बैटरियां, दो चार्जर, बैटरी बिक्री से प्राप्त 4500 रुपये नकद और एक अवैध तमंचा व कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मऊ इलामारन जी (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई।
जनपद में लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी नगर अंजनी कुमार पांडेय के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में कोतवाली नगर पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर खीरीबाग रेलवे यार्ड के पास घेराबंदी कर चार लोगों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों में वाहन चोर देवदत्त गिरी पुत्र कन्हैया गिरी (निवासी मुंगेशर, थाना सरायलखंसी, मऊ), कन्हैया राम पुत्र खरभान राम (निवासी मलिकनाथपुर, थाना मरदह, गाजीपुर), धर्मेंद्र राम पुत्र पसराम (निवासी लीलापुर भरसड़, थाना बिरनो, गाजीपुर) तथा चोरी का माल खरीदने वाला कबाड़ी गांधी चौहान पुत्र देवनाथ चौहान (निवासी महुआरी, थाना कासिमाबाद, गाजीपुर) शामिल हैं।
पुलिस पूछताछ में मुख्य अभियुक्त देवदत्त गिरी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वर्ष 2016 में जेल जाने से पहले तक वह 47 मोटरसाइकिलें और करीब 100 साइकिलें चोरी कर चुका था। जेल से जमानत पर छूटने के बाद फिर से अपराध की राह पर लौट आया और ऑटो चलाने के बहाने सुनसान जगहों पर खड़ी गाड़ियों को अपने साथियों की मदद से चोरी करने लगा।
चोरी की गाड़ियों के पुर्जे निकालकर बेच दिए जाते थे या कबाड़ी को औने-पौने दामों में बेचकर रकम बांट ली जाती थी।
पुलिस ने चारों अभियुक्तों के खिलाफ थाना कोतवाली नगर पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि वाहन चोरी जैसे अपराधों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है और इस तरह के गैंग के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।



