बूँद-बूँद पानी के लिए भटकते लावारिस पशुओं के असहनीय दर्द के हमदर्द बने राम विलास

डिलाइट समूह संस्थान के संस्थापक व स्वराज इंडिया पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट राम विलास यादव बने बेजुबान पशु-पक्षियों का सहारा

रायबरेली। ज्येष्ठ माह की चिलचिलाती धूप और गर्म हवाओं के कारण जब सूरज आग बरसा रहा हो और पारा 40-45 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका हो, और जलस्रोत सूख चुके हों। तब इंसान तो किसी न किसी तरह अपनी प्यास बुझा लेता है। लेकिन ज़रा सोचिए, उन बेजुबान पशु-पक्षियों का क्या, जो अपनी तकलीफ़ किसी से कह भी नहीं सकते हैं ? ऐसे में पशु-पक्षी व लावारिस जानवर पानी की कमी के कारण डिहाइड्रेशन का शिकार होकर दम तोड़ देते हैं। उनकी इस असहनीय पीड़ा को समझते हुए डिलाइट समूह संस्थान के संस्थापक व स्वराज इंडिया पार्टी के जिला अध्यक्ष एडवोकेट राम विलास यादव ने भीषण गर्मी में बेजुबान पशु-पक्षियों तथा जानवरों के लिए जगह-जगह पानी के हौद रखवाए हैं। बढ़ती गर्मी और तापमान के कारण बूंद-बूंद पानी को तरसते मूक जीवों के लिए यह पहल किसी जीवनदान से कम नहीं हैं। डिलाइट परिवार ने शहर के कई स्थानों पर पानी के हौद रखवाए हैं, जो इस भीषण गर्मी में बेजुबान जीवों के लिए जीवन का अमृत बन गए हैं। यह सिर्फ पानी से भरे हौद नहीं हैं; ये दया, करुणा और इंसानियत से लबालब भरे हुए हैं।

कल्पना कीजिए, एक नन्हा पक्षी, जो प्यास से बेहाल होकर इधर-उधर भटक रहा है, अचानक एक हौद देखता है। वह धीरे से उतरता है, चोंच डुबोता है और अपनी प्यास बुझाता है। फिर पंख फड़फड़ाकर एक नई ऊर्जा के साथ उड़ान भरता है। या कोई थका-हारा पशु, जो पानी की तलाश में मीलों चला आया है, उसे जब यह हौद मिलता है, तो उसकी आँखों में एक अजीब सी चमक आ जाती है। उस पल एहसास होता है कि एक छोटी-सी कोशिश भी किसी के लिए पूरी दुनिया बन सकती है।

‘डिलाइट परिवार’ की यह कार्य केवल पानी उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दे रही है। यह हमें याद दिलाती है कि हमारी इंसानियत की पहचान केवल मनुष्यों के प्रति हमारे व्यवहार से नहीं होती, बल्कि हर छोटे-बड़े जीव के प्रति हमारी ज़िम्मेदारी से भी होती है। यह हमें प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व के महत्व को समझाती है।

रामविलास यादव और उनके परिवार की यह कार्य दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने दिखाया है कि कैसे एक साधारण विचार और थोड़ी सी मेहनत से सैकड़ों-हज़ारों बेजुबान जिंदगियों को बचाया जा सकता है।

आइए, हम भी इस नेक पहल का हिस्सा बनें। अपने घर, दुकान या मोहल्ले के बाहर एक बर्तन पानी ज़रूर रखें। क्योंकि हर बूंद जीवन है, और हर जीवन अनमोल। इस गर्मी में, आइए हम सब मिलकर बेजुबानों के लिए सहारा बनें, और अपनी संवेदनाओं को पानी के रूप में प्रवाहित करें। उक्त कार्यक्रम मे डिलाइट परिवार के सदस्य अंशू कुमार मौर्य, विनय कुमार, अजय अवस्थी, अवनीश, राहुल कुमार, संजय यादव, रविन्द्र भारद्वाज , विशाल सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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