भागवत कथा में गूंजे भगवान के जयकारे

तीसरे दिन जड़ भारत, ध्रुव चरित्र,भक्त प्रह्लाद और वामन अवतार की सुनाई कथा

जसवंतनगर,इटावा। नगर में स्थित एक मैरिज होम में गुप्ता परिवार की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ में गुरुवार को तीसरे दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। कथा व्यास स्वामी श्याम नारायण महाराज ने श्रीमद्भागवत पुराण के प्रसंगों के माध्यम से जड़ भारत,ध्रुव चरित्र,भक्त प्रह्लाद और भगवान विष्णु के वामन अवतार की कथा सुनाई। भगवान के जयकारों और भजनों से कथा पंडाल भक्तिमय हो उठा।

कथा व्यास ने कहा कि मनुष्य को सांसारिक मोह-माया में उलझने के बजाय भगवान की भक्ति, आत्मचिंतन और सद्कर्मों के मार्ग पर चलना चाहिए। श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित जड़ भारत के प्रसंग का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि जीवन में वैराग्य और आत्मज्ञान का विशेष महत्व है। वहीं,बालक ध्रुव के चरित्र के माध्यम से उन्होंने समझाया कि दृढ़ संकल्प,अटूट श्रद्धा और सच्ची भक्ति से मनुष्य अपने लक्ष्य को प्राप्त कर सकता है।

विपरीत परिस्थितियों में भी नहीं डिगी प्रह्लाद की भक्ति

भक्त प्रह्लाद की कथा सुनाते हुए स्वामी श्याम नारायण महाराज ने कहा कि प्रह्लाद ने कठिन परिस्थितियों और हिरण्यकशिपु के विरोध के बावजूद भगवान विष्णु की भक्ति नहीं छोड़ी। उनकी अटूट आस्था की रक्षा के लिए भगवान ने नरसिंह अवतार धारण कर अधर्म का अंत किया। उन्होंने कहा कि सच्चे भक्त पर भगवान की कृपा सदैव बनी रहती है।

इसके बाद भगवान विष्णु के वामन अवतार का प्रसंग सुनाया गया। महाराज ने राजा बलि और भगवान वामन की कथा के माध्यम से भक्ति, दान,समर्पण और धर्म के महत्व को समझाया। कथा के दौरान श्रद्धालु भजनों पर भावविभोर होकर झूमते रहे और भगवान के जयकारे लगाते रहे।

आयोजन में परीक्षित की भूमिका श्रीमती सुनीता गुप्ता और मनोज गुप्ता ने निभाई। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण कर धर्मलाभ प्राप्त किया।

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