श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य शान्ति भूषण ने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओ का किया वर्णन

ऊँचाहार, रायबरेली। क्षेत्र के पूरे जददू पयागपुर नदौरा में चल रही सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन आचार्य शान्ति भूषण पाण्डेय ने भगवान श्री कृष्ण की विभिन्न लीलाओ का वर्णन किया, श्री कृष्ण के जन्म से लेकर पूतना वध, कालिया नाग, अक्रूर दर्शन, कंस वध की कथा विस्तार से सुनाई,
आचार्य शान्ति भूषण जी ने बताया कि पृथ्वी पर जब जब अत्याचार बढ़ा तब तब भगवान विष्णु ने मानव रूप में अवतार लेकर पापियों और अत्याचारियों का संघार किया और अपने भक्तो की रक्षा की, उन्होंने बताया कि भगवान श्री कृष्ण ने अपनी लीलाओ से गोपिकाओ को अपने वश में किया, आज भी भगवान श्री कृष्ण को जो सच्चे मन वचन कर्म से पूजन करता है भगवान उनकी मनोकामना पूर्ण करते है।
इस मौके पर यजमान माता प्रसाद त्रिपाठी, शिवकरन त्रिपाठी, शिवबरन त्रिपाठी, राजकिशोर त्रिपाठी, ओम प्रकाश त्रिपाठी, सुधीर त्रिपाठी, सुशील त्रिपाठी, पंकज त्रिपाठी, सिवेन्द्र सिंह,आनंद सिंह भदौरिया,महेंद्र सिंह सहित सैकड़ो की संख्या में भक्त मौजूद रहे।
कार्तिक पूर्णिमा मेले के अंतिम दिन भी हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर लिया मेले का आनंद
ऊँचाहार, रायबरेली। तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेले के अंतिम दिन भी हजारों श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर मेले का आनंद लिया, सुरक्षा व्यवस्था के दृष्टिगत चप्पे चप्पे पर पुलिस बल तैनात नजर आया।इसी बीच घाट पर गंदगी का अम्बार नजर आया और मेले से प्रशासनिक अमला नदारद रहा।
मंगलवार से दीपदान व गंगा आरती के साथ तीन दिवसीय कार्तिक पूर्णिमा मेले की शुरुआत हुई थी।
गुरुवार को अंतिम दिन सुबह से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुँची, श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान करते हुए हर हर गंगे का उद्घोष किया।जिसके बाद घाट पर आयोजित मेले में जलेबी, समोसा व चाट का आनंद लिया तथा विभिन्न प्रकार के झूलों का लुत्फ उठाया।महिलाओं ने श्रृंगार व गृहस्थी के सामान की खरीद की।मेले के भीतर भीड़ बढ़ने पर जगह जगह पुलिस की तैनाती नजर आई,पुलिस टीम द्वारा लगातार शरारती तत्वों पर भी नजर रखी जा रही थी, ताकि मेले में व्यवधान उत्पन्न न हो सके।कोतवाल अजय कुमार राय खुद ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेते हुए नजर आए।
इस बाबत गोकना घाट के पुरोहित पंडित जितेंद्र द्विवेदी ने बताया कि गुरुवार को भी 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया है।लेकिन घाट पर सफाईकर्मियों की उदासीनता से गंदगी का अंबार नजर आया।



