इस पब्लिक सेक्टर बैंक ने बढ़ाईं ब्याज दरें, होम लोन और कार लोन की EMI होंगी और महंगी

Loan Rates Hike: अगर आप केनरा बैंक के ग्राहक हैं और अभी बैंक से होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन लिया हुआ है, तो यह आपके लिए एक ज़रूरी खबर है। पब्लिक सेक्टर बैंकिंग में एक बड़ा नाम—केनरा बैंक—ने अपने ‘मार्जिनल कॉस्ट ऑफ़ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट’ (MCLR) में बदलाव किया है। बैंक ने इस रेट को 5 बेसिस पॉइंट, या 0.05 परसेंट बढ़ा दिया है। ये नए रेट 12 मई, 2026 से लागू हो गए हैं।
बैंक के बदले हुए MCLR रेट इस तरह हैं:
बैंक ने सभी टेन्योर (अवधि) के लोन पर 5 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी लागू की है। इसका ब्योरा इस तरह है:
- ओवरनाइट: 7.90% (पहले 7.85%)
- 1 महीना: 7.95% (पहले 7.90%)
- 3 महीने: 8.20% (पहले 8.15%)
- 6 महीने: 8.55% (पहले 8.50%)
- 1 साल: 8.75% (पहले 8.70%)
- 2 साल: 9.00% (पहले 8.95%)
- 3 साल: 9.05% (पहले 9.00%)
इसका आम ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?
बैंक के ‘1-साल के MCLR’ रेट को खास तौर पर अहम माना जाता है, क्योंकि ज़्यादातर होम, कार और पर्सनल लोन की ब्याज दरें इसी खास रेट के आधार पर तय होती हैं। यह रेट अब 8.70% से बढ़कर 8.75% हो गया है। जिन ग्राहकों के लोन फ्लोटिंग ब्याज दर पर आधारित हैं और MCLR से जुड़े हुए हैं, उनके लिए लेंडिंग रेट में बढ़ोतरी का मतलब है कि उनकी मासिक किस्त, या EMI, बढ़ जाएगी।
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MCLR क्या है?
MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर है, जिससे कम दर पर कोई भी बैंक आम हालात में किसी को लोन नहीं दे सकता। जब कोई बैंक अपना MCLR बढ़ाता है, तो उससे जुड़े सभी लोन महंगे हो जाते हैं। इसके विपरीत, जब बैंक इन दरों को कम करता है, तो ग्राहकों को अधिक किफायती दरों पर ऋण उपलब्ध हो जाते हैं। केनरा बैंक के इस निर्णय के परिणामस्वरूप, अब उधारकर्ताओं पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा।



