2030 तक ये 13 नौकरियां खत्म हो जाएंगी, आज ही चुने दूसरे विकल्प
jobs disappear by 2030: AI और डिजिटल तकनीक ने कई पारंपरिक नौकरियों को प्रभावित किया है। बैंकिंग मीडिया सर्विस और सेल्स सेक्टर में हो रहे बदलावों का आम लोगों पर क्या असर पड़ रहा है पढ़ें पूरी रिपोर्ट।
jobs disappear by 2030: तेज़ी से बढ़ती आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन ने आम लोगों की रोज़मर्रा की सेवाओं को आसान बनाया है। लेकिन इसी बदलाव के साथ कई नौकरियों पर दबाव भी बढ़ा है। जहां उपभोक्ता को सुविधा मिल रही है वहीं बड़ी संख्या में कर्मचारी अनिश्चित भविष्य का सामना कर रहे हैं।
- AI ने ग्राफिक डिज़ाइनरों की नौकरियों को खतरे में डाल दिया है।
- ऑटोमेटेड सॉफ्टवेयर आने से डेटा एंट्री की ज़रूरत कम हो गई है।
- डिजिटल मीडिया के ज़माने में प्रिंटिंग की नौकरियां कम हो गई हैं।
- लीगल टेक प्लेटफॉर्म ने कानूनी अधिकारियों की नौकरियों को खतरे में डाल दिया है।
- ईमेल और मैसेज ने पोस्टल सर्विस की ज़रूरत कम कर दी है।
मोबाइल बैंकिंग ऐप ATM और ऑनलाइन ट्रांज़ैक्शन ने बैंक काउंटर पर होने वाली गतिविधियों को काफी हद तक डिजिटल बना दिया है। इसके साथ ही अकाउंटिंग बुककीपिंग और पेरोल से जुड़े पदों में भी गिरावट देखी जा रही है। इंश्योरेंस कंपनियों में भी AI आधारित सिस्टम ने मानव संसाधन की जरूरत कम की है।
- सेल्फ-चेकआउट मशीन, डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन टिकट बुकिंग ने कैशियर और टिकट क्लर्क की नौकरियों पर असर डाला है।
- स्मार्ट टूल्स एडमिनिस्ट्रेटिव असिस्टेंट और एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी की नौकरियों को खतरे में डाल रहे हैं।
- अकाउंटिंग, बुककीपिंग और पेरोल क्लर्क की नौकरियों में कमी आई है।
- ऑनलाइन टिकटिंग और ऑटोमेटेड गेट सिस्टम की वजह से 2030 तक ट्रांसपोर्टेशन अटेंडेंट और कंडक्टर की नौकरियां खत्म हो सकती हैं।
- AI ने इंश्योरेंस कंपनियों में नौकरियां कम कर दी हैं।
- AI कॉलिंग सिस्टम की वजह से टेलीमार्केटर्स को सावधान रहना होगा।
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ईमेल और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के चलते पोस्टल सर्विस की उपयोगिता कम हुई है। AI कॉलिंग सिस्टम के कारण टेलीमार्केटिंग का स्वरूप बदल रहा है। वहीं ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग ने डोर-टू-डोर सेल्स वर्कर्स के लिए चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।



