सरकार के फैसले से करोड़ों परिवारों की भावनाएं आहत, जानें मनरेगा पर क्यों मचा बवाल

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) का नाम बदलने के निर्णय पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। पार्टी का मानना है कि यह कदम महात्मा गांधी की विचारधारा और उनके योगदान को पूरी तरह से नकारने की कोशिश है। कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने इस संदर्भ में कहा कि गांधी जी के विचार आज भी हमारे समाज में प्रासंगिक हैं और मनरेगा जैसी योजनाएं इसी विचारधारा से प्रेरित हैं, जो गरीबों और श्रमिकों को रोजगार प्रदान करने के लिए बनाई गई थीं।
क्या है मनरेगा का महत्व?
मनरेगा योजना का नाम बदलने के मुद्दे पर कांग्रेस का यह भी कहना है कि यह एक साजिश है, जिसका उद्देश्य गांधी जी की पहचान को समाप्त करना है। इस योजना के तहत हर साल एक करोड़ से ज्यादा परिवारों को रोजगार मिल रहा है। यदि यह नाम बदला जाता है, तो इससे उन लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचेगी, जो इस योजना से सीधे जुड़े हुए हैं।
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कांग्रेस का कहना है कि महात्मा गांधी के नाम को मिटाने का प्रयास कोई नया नहीं है। इससे पहले भी कई मौकों पर मोदी सरकार ने गांधीजी के विचारों और उनके द्वारा शुरू की गई योजनाओं को नकारने की कोशिश की है। यह वही सरकार है जो नेहरू और गांधी के योगदान से नाखुश है।
क्या सरकार का यह कदम सही है?
वहीं कांग्रेस नेता का कहना है कि मोदी सरकार का यह कदम यह साबित करता है कि वह गांधी जी के विचारों को महत्व नहीं देती। उन्होंने यह भी कहा कि यह न केवल एक ऐतिहासिक भूल होगी, बल्कि देश के लाखों गरीब और श्रमिकों के प्रति भी अनादर का प्रतीक होगा, जिन्हें इस योजना से रोजगार मिल रहा है।



